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    लखनऊ में बनेगी AI सिटी-अयोध्या के लिए सबसे ज्यादा फंड:वाराणसी-मऊ में जमीन खरीदेंगे, आवास विकास का 4173 करोड़ का बजट

    8 hours ago

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    लखनऊ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पहली आधुनिक सिटी विकसित की जाएगी। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने वृंदावन योजना में AI सिटी कम बिजनेस पार्क बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित होगा। बुधवार को प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इसको मज़बूरी मिली है। परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया- वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में करीब 12 एकड़ जमीन पर उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और आवास विकास परिषद मिलकर काम करेंगे। दोनों विभागों के बीच एमओयू को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। AI सिटी के लिए परिषद अपनी 12 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगा, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 368 करोड़ रुपए बताई गई है। यहां AI आधारित कंपनियों, आईटी ऑफिस, स्टार्टअप और बिजनेस गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। RFP के जरिए होगा कंपनी का चयन प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली कंपनी का चयन RFP यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल प्रक्रिया से किया जाएगा। चयनित कंपनी के साथ राजस्व साझा करने का मॉडल लागू होगा। परियोजना से होने वाली आय में आवास विकास परिषद को 40 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। परिषद की ओर से दी जाने वाली जमीन 45 साल की लीज पर होगी। जरूरत पड़ने पर लीज अवधि को आगे 45 साल के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फ्लैटों पर चल रही 15 प्रतिशत की छूट समाप्त नीरज शुक्ला ने बताया- 31 मार्च तक परिषद खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री पर 15 प्रतिशत तक की छूट दे रहा था। यह छूट नहीं बढ़ाई गई है। इस समय परिषद के प्रदेश भर में करीब 7000 फ्लैट खाली हैं और अब पूरी कीमत पर मिलेंगे। बोर्ड ने छूट को नहीं बढ़ाया है। बोर्ड का मानना है कि छूट कितनी दी जाए यह संपत्ति की नई गणना नीति से देख लिया जाए और यह भी ध्यान रखा जाए कि छूट इतनी न दे दी जाए कि फ्लैट की कीमत उससे भी कम हो जाए, जितनी उसकी कीमत पहली बार तय हुई थी। आवास विकास बैठक के 5 महत्वपूर्ण फैसले… उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की 275वीं बोर्ड बैठक हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पास किया गया। कुल बजट 4173.66 करोड़ रुपए का है। बजट में जमीन खरीद पर खास जोर दिया गया। इसमें नई आवासीय योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई। अयोध्या विकास पर विशेष फोकस रखा गया। भूमि अर्जन के लिए 1927.15 करोड़ रुपए तय किए गए। अयोध्या परियोजनाओं के लिए 1037.89 करोड़ रुपए रखे गए। परिषद ने नए वित्तीय वर्ष में कुल 4173.65 करोड़ रुपए की आय का अनुमान लगाया है। इसमें सबसे ज्यादा 2004.66 करोड़ रुपए संपत्तियों की बिक्री से मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा डिपॉजिट कार्यों से 682.06 करोड़ रुपए की आय का अनुमान लगाया गया है। वहीं कुल 4048.65 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें निर्माण, विकास और अवस्थापना कार्यों पर 702.62 करोड़ रुपए डिपॉजिट कार्यों पर 750.27 करोड़ रुपए भूमि अर्जन पर 1927.15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 1. वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना को हरी झंडी: बोर्ड बैठक में एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना को स्वीकृति मिली। यह भूमि विकास और गृहस्थान पूरक योजना से जुड़ा है। इसके लिए 4.6870 हेक्टेयर जमीन अर्जित की जाएगी। यह जमीन अप्रोच रोड के निर्माण के लिए जरूरी बताई गई है। 2. काशीद्वार योजना में 3141 करोड़ से खरीदी जाएगी जमीन: वाराणसी की काशीद्वार भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना के लिए 10 गांवों की जमीन आपसी समझौते से खरीदने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इन गांवों में पिण्डरा, पिण्डराई, समोगरा, बहुतरा, कैथोली, पुरारघुनाथपुर, बसनी, चकइन्दर, जदूपुर और बेलवा शामिल हैं।परिषद के अनुसार इस योजना में जमीन खरीद पर करीब 3141 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना का कुल क्षेत्रफल 374 हेक्टेयर है। पहले चरण में 270 हेक्टेयर भूमि पर परिषद अधिनियम 1965 की धारा-31(1) के तहत कार्रवाई को मंजूरी दी गई है। वन विभाग, मंदिर, मजार और अन्य निर्माण वाले हिस्सों को इससे बाहर रखा गया है। 3. मऊ की योजना में 1391 करोड़ से होगी जमीन खरीद: मऊ जिले की गोरखपुर मार्ग भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना के लिए भी पांच गांवों की जमीन खरीद को मंजूरी दी गई। सहरोज, रेवरीडीह, मोहम्मदपुर सहरोज, मेघई सहरोज और डाण्डीखास गांवों में जमीन खरीद पर करीब 1391 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।बैठक में परिषद की विकसित कालोनियों में सम्पत्तियों के दाम बढ़ाने की तैयारी है। इनमें लखनऊ की वृंदावन योजना और अवध विहार योजना शामिल हैं। यहां डीएम सर्किल रेट के बराबर जमीन की कीमत निर्धारित की जाएगी। 4. दो अभियंताओं की पेंशन से आजीवन होगी कटौती: परिषद के रिटायर्ड अधिशासी अभियंता गौतम कुमार की पेंशन से बोर्ड में 10% की कटौती आजीवन करने का दंड दिया गया है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध कार्यवाही की गई। वर्ष 2024 में इंदिरानगर स्थित परिषद के 9000 वर्ग फीट के कमर्शल भूखंड का आवंटन रद हो गया था। जांच में सामने आया कि गौतम ने जान बूझकर अगली नीलामी रोकने के लिए मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया, जिससे भूखंड की नीलामी नहीं हो सकी। उनके इस कृत्य से परिषद को करीब 10 करोड़ का नुकसान हुआ है। लिहाजा बोर्ड ने गौतम की पेंशन से आजीवन 10% कटौती के निर्देश दिए हैं। उधर, आगरा के रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता डीएस गुप्ता की पेंशन से भी आजीवन 5% कटौती का दंड दिया गया है। उन्होंने अवस्थापना निधि के टेंडर में हीलाहवाली की, जिससे परिषद को करीब 9 करोड़ का नुकसान हुआ है। 5. गाजियाबाद में बनेगा ओवर ब्रिज: गाजियाबाद की हिंडन नदी पर ब्रिज कार्पोरेशन सिंचाई विभाग की मदद से एक ओवर ब्रिज बनाएगा। 51 करोड़ की लागत से बनने वाला यह ब्रिज वसुंधरा योजना और सिद्धार्थ विहार योजना को जोड़ेगा। जिससे काफी लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा परिषद की ओर से मेट्रो को 20 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में पास हुआ है। 125 करोड़ की नई योजनाओं का प्रस्ताव परिषद ने बोर्ड बैठक में बस्ती, प्रयागराज, सहारनपुर, संतकबीरनगर समेत पांच जिले में नई योजनाओं का प्रस्ताव रखा। शुरुआत में करीब 125 करोड़ रुपये योजनाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन बोर्ड ने जिलों में शुरू की जाने वाली योजनाओं की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर उसे अगले प्रस्ताव में रखने का सुझाव दिया है। ……………………………. यह खबर भी पढ़िए सहारा सिटी पर नगर निगम का कब्जा वैध:लखनऊ HC ने सहारा कमर्शियल की याचिका खारिज की, यहां नई विधानसभा बनेगी लखनऊ हाईकोर्ट ने ‘सहारा सिटी’ का कब्जा वापस लेने की याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में लखनऊ नगर निगम की कार्रवाई को सही ठहराया है। वहीं सहारा कमर्शियल की सभी दलीलों को खारिज कर दिया है। यहां पढ़ें पूरी खबर
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