Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    लखनऊ में इंजेक्शन लगने के बाद मासूम की मौत:झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज का आरोप; बुखार होने पर परिजन मेडिकल स्टोर लेकर पहुंचे थे

    9 hours ago

    1

    0

    लखनऊ के फैजुल्लागंज स्थित पुराना दाऊदनगर निवासी छह वर्षीय मासूम सौम्या विश्वकर्मा की इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मौत हो गई। परिजनों के अनुसार बच्ची को बुखार था, जिसके चलते वे उसे एक क्लीनिक पर लेकर गए थे, जहां डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि इलाके के एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा दिए गए इलाज और दवा के कारण बच्ची की हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने क्लीनिक के बाहर हंगामा किया। पुलिस ने मामले में शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जानिए क्या है मामला ? पुराना दाऊदनगर निवासी अनूप विश्वकर्मा पुताई मजदूर है। जबकि पत्नी गुड़िया गृहणी हैं। 10 साल का बेटा शिवम कक्षा छह का छात्र है। मामा कौशल ने बताया भांजी सौम्या को बीते कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। सोमवार सुबह बुखार तेज हो गया। मां गुड़िया बच्ची को लेकर घर के नजदीक मेडिकल स्टोर पहुंची। मेडिकल स्टोर का संचालन खुद को डॉक्टर बताता था। उसने बच्ची की सेहत की जांच की। एक इंजेक्शन लगाया। तीन खुराक दवा दी। फीस के नाम पर 100 रुपए वसूले। शरीर पड़ गया था नीला घर पहुंचने के बाद मां ने बेटी को दवा की एक खुराक दी। कुछ ही समय बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। उसका शरीर नीला पड़ने लगा और शरीर पर चकत्ते दिखाई देने लगे। उसे पेट में तेज दर्द होने लगा। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे आनन-फानन में दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर बाद मासूम सौम्या की मौत हो गई। क्लीनिक बंद कर फरार हुआ झोलाछाप पिता ने मेडिकल स्टोर संचालक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि झोलाछाप के गलत इलाज से बेटी की सांसें थमी हैं। नाराज परिवारीजन शव लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचे। हंगामा शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख झोलाछाप मेडिकल स्टोर बंद कर फरार हो गया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह परिवारीजनों को समझाया। इंसाफ का भरोसा दिलाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप हर प्रकार की बीमारी का इलाज करता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि झोलाछाप मेडिकल स्टोर का संचालन करता था। उसमें मरीजों को इलाज मुहैया कराता था। स्टोर में बैठने के दौरान झोलाछाप के गले में हमेशा आला पड़ा रहता था। ताकि लोग उसे डॉक्टर समझे। इलाज कराएं। वह सभी को हमेशा खुद को डॉक्टर बताता था। डिग्री पूछने पर चुप्पी साध लेता था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'आतंकियों के लिए माला लेकर नहीं खड़े हो सकते':बुलडोजर एक्शन पर बोले मंत्री मनोज पांडेय; बताया- क्यों अखिलेश को छोड़ा
    Next Article
    गाड़ियों के बकाया टैक्स पर 100% जुर्माना माफ होगा:सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ाया जाएगा; योगी कैबिनेट में आज 16 प्रस्ताव पास होंगे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment