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    लखनऊ में जितेंद यादव पर गुंडा एक्ट लगा, गिरफ्तार:खातों में 1.5 करोड़ कैश सीज, फौजियों से प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी की थी

    10 hours ago

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    लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी हुई। मामले में संतोष यादव और जितेंद्र यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने गिरोह का गैंग चार्ट मंजूर कराया और देर शाम जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपए के बैंक खाते सीज किए गए। इस बीच फौजियों से ठगी के आरोपों और 10 जनवरी को दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज न होने का मामला भी चर्चा में है। पुलिस आयुक्त की मंजूरी के बाद 13 फरवरी को गिरोह का गैंग चार्ट बनाया गया। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एसएचओ राजीव रंजन उपाध्याय के अनुसार, संतोष यादव को गिरोह का लीडर बनाया गया है। गिरोह में जितेंद्र यादव और स्वर्णलता पांडेय को भी सदस्य नामजद किया गया है। पुलिस का आरोप है कि तीनों ने संगठित तरीके से आर्थिक व भौतिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से आपराधिक गतिविधियां संचालित कीं। फौजियों से ठगी के आरोप, 10 जनवरी की तहरीर पर सवाल मामले में नया मोड़ तब आया जब कुछ सैनिकों की ओर से 10 जनवरी 2026 को जितेंद्र यादव समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दी गई। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उस समय कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित फौजी अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया। उनका कहना है कि जितेंद्र यादव ने उन्हें यह कहकर गुमराह किया कि यदि वे एक पूर्व सांसद का नाम लें तो उन्हें प्लॉट मिल जाएगा। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह पूरी योजना उन्हें भ्रमित करने के लिए रची गई थी। अर्जुनगंज में प्लॉटिंग के नाम पर वसूली पीड़ितों के मुताबिक, अर्जुनगंज के सरसवां इलाके में चल रही प्लॉटिंग में आरोपियों ने खुद को जमीन का मालिक बताया। लोगों से प्लॉट देने के नाम पर बड़ी रकम ली गई। भुगतान आरोपियों और उनके करीबियों के बैंक खातों में जमा कराया गया, लेकिन न तो जमीन का कब्जा दिया गया और न ही धनराशि लौटाई गई। पुलिस का कहना है कि गिरोह स्थानीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में वर्णित अपराधों को अंजाम देता था। डेढ़ करोड़ रुपए की रकम सीज, जांच जारी कार्रवाई के दौरान गिरोह से जुड़े खातों में जमा करीब डेढ़ करोड़ रुपए की धनराशि सीज किए जाने की सूचना है। पुलिस इस रकम को कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित बताकर वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों से आम जनता में भय का माहौल था। गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई से नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, अन्य संभावित पीड़ितों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
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