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    लखनऊ में मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को रफ्तार:180 करोड़ से बनेगा वसंतकुंज में अत्याधुनिक डिपो, दूसरा बड़ा टेंडर जारी

    1 hour ago

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    लखनऊ मेट्रो के प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दूसरा टेंडर जारी कर दिया है। यह टेंडर वसंत कुंज में बनने वाले डिपो का है। इसके निर्माण में करीब 180 करोड रुपए का खर्च आएगा। इससे पहले मैं तो प्रशासन ने पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर जारी किया था। अधिकारियों का कहना है कि इससे 12 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को गति मिलेगी। ट्रेनों के रखरखाव का बनेगा मुख्य केंद्र वसंतकुंज में बनने वाला डिपो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनों के रखरखाव, जांच और पार्किंग का मुख्य केंद्र होगा। इसे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मौजूदा डिपो की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। डिपो में अत्याधुनिक तकनीक आधारित उपकरण लगाए जाएंगे, जिनमें पिट व्हील लेथ मशीन (पहियों की मरम्मत के लिए), फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट और मोबाइल जैक मशीन (कोच लिफ्टिंग के लिए), बोगी टर्न टेबल (बोगी शिफ्टिंग के लिए), ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर और री-रेलिंग एवं रेस्क्यू गाड़िया शामिल होंगी। डिपो में लगाया जाएगा सोलर पैनल डिपो में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। यहां सोलर पावर यूनिट लगाई जाएगी। मौजूदा समय लखनऊ मेट्रो 3.122 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रही है। इसके अलावा ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और संयुक्त STP-ETP यूनिट के जरिए पानी का उपयोग किया जाएगा। 5801 करोड़ की परियोजना, 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य 12 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर चारबाग से वसंतकुंज तक विकसित किया जाएगा। इस रूट पर 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5801.05 करोड़ रुपए है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि दूसरे बड़े टेंडर के जारी होने से परियोजना क्रियान्वयन की दिशा में मजबूती आई है।
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