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    मां से मिलना है तो वकालतनामा लाओ वरना लौट जाओ:पाकिस्तान मूल की सबा फरहत के एडवोकेट बेटे को भी मिलाई से रोका गया

    1 hour ago

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    पति के बाद मंगलवार को एडवोकेट बेटे को भी सबा फरहत से नहीं मिलने दिया गया। जेल प्रशासन ने विदेशी नागरिक बताते हुए बेटे से वकालतनामा जमा कराने के लिए कहा है। एडवोकेट बेटे ने इसे नियम विरूद्ध बताते हुए तानाशाही करार दिया है। उधर, सबा फरहत की जमानत पर 27 फरवरी को सुनवाई होगी। जिला जज की तरफ से सुनवाई के लिए यह केस एडीजे-13 की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। पहले जानिए कौन है सबा फरहत सबा फरहत मूलरूप से पाकिस्तान के लाहौर की रहने वाली हैं। मेरठ निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तान में जाकर सबा से निकाह किया था और फिर लॉन्ग टर्म वीजा पर वह भारत आ गई। सबा का यह वीजा मार्च, 2027 तक वैध है। पिछले करीब 35 वर्ष से सबा अपने परिवार के साथ मेरठ के देहलीगेट इलाके में रहती चली आ रही है। फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवाने का आरोप करीब दो माह पहले सबा फरहत के खिलाफ पुलिस अधिकारियों से शिकायत हुई। कहा गया कि सबा गैरकानूनी तरीके से मेरठ में रह रही है। उसने कूटरचित दस्तावेजों की मदद से अपने दो दो वोटर आईडी कार्ड बनवाए हैं। पुलिस ने आरोपों की जांच की और सबा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। जेल में जाने के बाद बरती जा रही सख्ती सबा फरहत जेल में है। पाकिस्तानी नागरिक होने के कारण वहां सख्ती बढ़ा दी गई है। बताया जाता है कि सबा के मामले को लखनऊ से डील किया जा रहा है। ऐसे में जेल में सबा से किसी को मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। सोमवार को सबा के पति फरहत मसूद और मंगलवार को बेटा फराज सबा से मिलाई करने पहुंचे लेकिन दोनों को ही सुरक्षा का हवाला देकर वापस भेज दिया गया। यह बोले सबा के अधिवक्ता वीके शर्मा फराज एडवोकेट अपनी मां सबा फरहत का केस देख रहे हैं। इसी सिलसिले में वह जेल मिलाई करने पहुंचे थे लेकिन वकालतनामा मांगा गया जोकि जेल मेन्युअल के विरूद्ध है। एडवोकेट अपने मुवक्किल से मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि सबा पर देश विरोधी कोई धारा नहीं लगी है। इसके बावजूद उनसे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। 27 को एडीजे-13 करेंगे सुनवाई सबा की जमानत याचिका पर मंगलवार को एडीजे-13 कोर्ट में याचिका डाली गई लेकिन इसके लिए कोर्ट ने 27 फरवरी की तिथि निर्धारित कर दी। एक याचिका अग्रिम जमानत के लिए भी डाली गई थी लेकिन कोर्ट ने उसके लिए 10 मार्च की तिथि निर्धारित की है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट जमानत पर निर्णय लेगी। अब जानते हैं क्या बोले अधीक्षक चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा का कहना है कि विदेशी नागरिक से जेल में मुलाकात कराए जाने के कुछ नियम हैं, जिनको फॉलो किया जा रहा है। परिवार से मिलाई के लिए आने वालों के 10 नाम मांगे थे लेकिन आठ ही दिए गए। उन सभी की गोपनीय जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद प्रक्रिया शुरु करा दी जाएगी।
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