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    मेडिकल कॉलेज में बिना एनेस्थीसिया महिला का सफल इलाज:डॉक्टरों की टीम ने फ्रैक्चर कूल्हे की हड्डी को बिना सर्जरी जोड़ा

    18 hours ago

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    एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक सड़क हादसे में घायल महिला के फ्रैक्चर कूल्हे का सफल इलाज किया है। 35 वर्षीय महिला सुभाना की कूल्हे की हड्डी टूटकर अंदर धंस गई थी, जिसे डॉक्टरों की टीम ने बिना एनेस्थीसिया और सर्जरी के ठीक किया। यह मामला मेडिकल कॉलेज की उस छवि को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहाँ अक्सर मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर कर दिया जाता था। सकीट थाना क्षेत्र के कोची डेरा निवासी सुभाना (35) सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिजनों ने उन्हें वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। एक्स-रे जांच में पता चला कि महिला की कूल्हे की हड्डी टूटकर अंदर धंस चुकी थी, जो एक जटिल स्थिति थी। आमतौर पर ऐसे मामलों को रेफर कर दिया जाता है, लेकिन डॉ. गौरव गुप्ता के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इमरजेंसी में ही उपचार शुरू करने का निर्णय लिया। टीम ने बिना एनेस्थीसिया दिए, बेहद सावधानी और विशेषज्ञता के साथ धंसी हुई हड्डी को सही जगह पर बैठाया। यह प्रक्रिया सामान्यतः काफी दर्दनाक होती है, लेकिन टीम ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उपचार के बाद महिला को दर्द और परेशानी से मुक्ति मिल गई है और वह अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। डॉ. गौरव गुप्ता (ऑर्थो) ने बताया कि मरीज को कुछ दिन आराम की आवश्यकता है, जिसके बाद वह स्वयं उठ-बैठ और चल सकेंगी। उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों डॉ. पीयूष अग्रवाल और डॉ. प्रेरक अग्रवाल के योगदान का भी उल्लेख किया। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि ऐसे मरीजों को पहले बाहर रेफर किया जाता था। इस सफल उपचार से मेडिकल कॉलेज की रेफर करने वाली छवि में बदलाव आ रहा है और अब यहाँ गंभीर मामलों का भी इलाज संभव हो पा रहा है। परिजनों ने डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया है। बगैर बेहोशी का इंजेक्शन दिये और बगैर आपरेशन किए इस महिला का उपचार किया और हड्डी को सही जगह बैठाया अब पेशेंट बिल्कुल सही है आराम की जरूरत है।कुछ समय बाद ये अच्छे से चल सकेंगी।उन्होंने कहा कि हमारी टीम एटा में ही ऐसे पेशेंट का सफल उपचार कर सकेगी मरीजों को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं है। सीएमएस डॉक्टर सुरेश चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया इस महिला को सकीट से यहां लाकर भर्ती कराया गया था। जहां हमारे डॉक्टर की टीम ने इमरजेंसी वार्ड में इसका उपचार शुरू किया है इसको बगैर बेहोशी का इंजेक्शन दिए हड्डी को सही जगह बैठाया गया ।जो कि वगैर आपरेशन के सम्भव नहीं था ।अव महिला स्वस्थ्य है। पहले डॉक्टर के अभाव में मरीज को बाहर रेफर किया जाता था लेकिन अब एटा के लोग एटा के ही वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार ले सकते हैं हमारे पास बेहतर डॉक्टरों की टीम है हम यही लोगों का एटा के ही मेडिकल कॉलेज में रखकर उपचार करने में सक्षम है।
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