Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    माफिया अतीक का बेटा कार में 2 मिनट तड़पता रहा:बाहर निकाला तो बोला- मेरा नाम अबान, मुझे बचा लो; प्रत्यक्षदर्शी ने बताए आखिरी पल

    1 day ago

    1

    0

    "मेरा नाम अबान है... मुझे बचा लो।" मुंह से इतना ही निकल पाया। लोगों ने उसे कार से बाहर निकाला, लेकिन तड़पते हुए दो मिनट में उसकी सांसें थम गईं। ये माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (21) के आखिरी शब्द थे। अबान झांसी जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने जा रहा था। उसने भाई के लिए इश्क-मोहब्बत वाली दो नॉवेल भी खरीदी थीं। हादसे की खबर जेल में अली को मिली तो वह रोने लगा। अबान उसे बहुत अजीज था। शायद यही वजह थी कि अबान ने 10 महीने में 49 बार अली से मुलाकात की थी। दैनिक भास्कर की टीम ने प्रत्यक्षदर्शियों, घायलों और पुलिस से बात की। पढ़िए, हादसे के आखिरी पलों की पूरी कहानी… पहले जानिए हादसा कैसे हुआ? अबान अहमद गुरुवार सुबह करीब 5 बजे अपने 2 दोस्तों और 2 रिश्तेदारों के साथ प्रयागराज से 400 किलोमीटर दूर झांसी के लिए निकला था। लेकिन 70 किलोमीटर पहले उसके साथ हादसा हो गया। पूंछ के खिल्ली गांव के पास हाईवे पर अचानक सामने आए बछड़े को बचाने की कोशिश में क्रेटा कार बेकाबू हो गई। सड़क किनारे बनी कंक्रीट की दीवार से टकरा गई। उस वक्त कार करीब 120 की रफ्तार में थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार करीब 7 फीट हवा में उछली और उसके टुकड़े 40 फीट तक हाईवे पर बिखर गए। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हैं। रॉड से गाड़ी के दरवाजे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला प्रत्यक्षदर्शी साकेश ने बताया- मैं अपनी दुकान पर काम कर रहा था। अचानक तेज धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे कुछ फट गया हो। दुकान के आसपास मौजूद कई लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। देखा कि कार की जोरदार टक्कर हुई है। तुरंत 112 नंबर पर फोन किया और एंबुलेंस बुलवाई। एंबुलेंस और पुलिस के आने तक, हम लोग खुद ही घायल और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुट गए। कार के दरवाजे जाम हो चुके थे। पुलिस आने से पहले हमने लोहे की रॉड से दरवाजे तोड़े और घायलों को बाहर निकाला। बाद में पुलिस और एंबुलेंस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। बछड़े को बचाने के चक्कर में हादसा, कार दीवार से टकराई प्रत्यक्षदर्शी दीपक यादव ने बताया- मैं घर से खेत जा रहा था। तभी देखा कि हाईवे पर एक बछड़ा सड़क पार कर रहा था। उसे बचाने के लिए कार ड्राइवर ने गाड़ी बाईं तरफ मोड़ी। इसी बीच एक बाइक वाला आ गया, उसे बचाने के लिए कार ड्राइवर ने गाड़ी और ज्यादा बाईं तरफ घुमा दी। अगले ही पल कार सड़क किनारे बनी दीवार से टकराई। कुछ लोग दौड़कर पहुंचे। घायलों को कार से बाहर निकाला। एक घायल के मुंह में खून भरा था। हमने उसका नाम पूछा तो उसने कहा- “मेरा नाम अबान है। मुझे बचा लो।” इसके बाद वह कुछ नहीं बोला। उसकी सांसें थम गईं। फोन करने के 10 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस एंबुलेंस से सभी घायलों को अस्पताल लेकर गई। कार का एक हिस्सा डैमेज हुआ, इसी ओर अबान-सोनू बैठे थे पुलिस के मुताबिक, कार में 5 लोग बैठे थे। गाड़ी मोहम्मद जैद (35) चला रहा था, उसके बगल अबान अहमद (21) बैठा था। अबान के पीछे की सीट पर सोनू (24) था। सोनू के बगल उमर अहमद (18) और फारुक अहजम (28) बैठा था। कार बीच वाले डिवाइडर से सटकर चल रही थी। सड़क किनारे गांव की ओर कंक्रीट से बनी दीवार से कार टकराई। अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया। सभी एयरबैग खुल गए। कार का बायां हिस्सा ज्यादा डैमेज था। इसी तरफ आगे अबान और पीछे सोनू बैठा था। बाईं ओर बैठे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अबान के सिर में गंभीर चोटें आईं। हाथ-पैर टूट गए थे। दो से पांच मिनट तक अबान-सोनू तड़पते रहे प्रत्यक्षदर्शी रमाकांत ने बताया- अबान और सोनू करीब दो से पांच मिनट तक तड़पते रहे, फिर उनकी सांसें थम गईं। एंबुलेंस ड्राइवर प्रवेश ने बताया- सभी घायलों को CHC मोठ लाया गया था। वहां से मैं एक घायल उमर को झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर आया। उसके हाथ में फ्रैक्चर था। तीनों घायलों की स्थिति सामान्य थी, वो बातचीत कर रहे थे। ग्राम प्रधान बृजेश कुमार ने बताया- संतुलन बिगड़ने से कार डिवाइडर से टकराई। कार की स्पीड ज्यादा थी। हादसे के बाद मैं और करीब 50 ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घायल मोहम्मद उमर बोला- डिवाइडर से कार टकराई हादसे में घायल मोहम्मद उमर ने बताया- कार तेज रफ्तार में थी। अचानक नियंत्रण खोने के बाद डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। उमर को नहीं दी गई भाई अबान के मौत की खबर लखनऊ जेल के जेलर ऋित्विक प्रियदर्शी ने बताया- अतीक के बड़े बेटे उमर को अबान की मौत की खबर नहीं दी गई है। जेल में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही सूचनाएं दी जाती हैं। अतीक अहमद के जेल में बंद दो बेटों को अबान के जनाजे में शामिल कराने के लिए परिवार के लोगों ने प्रयागराज जिला अदालत के वकीलों से संपर्क किया है। वकीलों ने जवाब दिया कि हाईकोर्ट में पैरोल अर्जी दाखिल करनी होगी। कार में दो किताबें और सिगरेट की डिब्बी मिली क्रेटा कार (UP70 FW2432) जैद की है, शादी में मिली थी। जैद अतीक की खलेरी यानी मौसेरी बहन का दामाद है। कार में दो किताब- 'द स्टेशनरी शॉप ऑफ तेहरान' और 'द इडियट' मिली हैं। इसके अलावा सिगरेट की डिब्बी भी मिली है। दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ अली से जेल में मिलने जा रहा था हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए- पोस्टमॉर्टम के बाद देर रात शव लेकर भाई निकला अबान के शव को झांसी मेडिकल कॉलेज के पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को भाई अहजम को सौंपा गया। प्रयागराज में अतीक की कब्र के बगल बेटे अबान को शुक्रवार को दफन किया जाएगा। ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए- अपने इकलौते विधायक के अंतिम दर्शन कर मायावती भावुक: बोलीं- उमाशंकर सिंह ने कभी धोखा नहीं दिया यूपी में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह दिल्ली से लखनऊ लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पढ़ें पूरी खबर...
    Click here to Read more
    Prev Article
    बृजभूषण बोले- संसद जरूर लौटूंगा, चरित्र हत्या की कोशिश हुई:प्रियंका को बरगलाया; यौन शोषण नहीं, मामला 'गुड-बैड टच' का था
    Next Article
    अबान की मौत पर रातभर जेल में रोया बड़ा भाई:अतीक की कब्र के बगल में दफनाया जाएगा बेटा; केशव बोले- एक्सीडेंट रोज होते रहते हैं, ये कैसा सवाल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment