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    महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री गुर्जर का बयान:विपक्ष पर लगाया महिलाओं के अपमान का आरोप

    2 hours ago

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    मेरठ पहुंचे केंद्रीय मंत्री कृष्ण गोपाल गुर्जर ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं का अपमान किया है और इस बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया। गुर्जर ने कहा कि विपक्ष ने पंचायतों में आरक्षण का समर्थन किया था, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभाओं में अपनी सीटें खतरे में दिखीं तो उन्होंने महिला आरक्षण का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने इसे विपक्ष की एक साजिश बताया, क्योंकि वे नहीं चाहते कि महिलाएं इन सदनों में आएं। केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के इस सवाल का भी जवाब दिया कि बिल को 2023 में लाकर 2024 में लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल को तुरंत लागू करने में समय लगता है। इसके लिए पहले जनगणना (सेंसस) होगी, फिर केंद्र का परिसीमन आयोग बनेगा और उसके बाद राज्यों का परिसीमन आयोग गठित होगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो साल से अधिक का समय लगता है। गुर्जर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यदि इस प्रक्रिया का पालन किया जाता है, तो बहनों को 2029 में भी आरक्षण नहीं मिल पाएगा। इसलिए मोदी सरकार चाहती है कि महिलाओं को 2029 के लोकसभा और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में आरक्षण का लाभ मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह विरोध वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ था, क्योंकि वे लगातार उनके सामने टिक नहीं पा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पिछले 11-12 सालों में मोदी जी के नेतृत्व में देश ने प्रगति की है और भारतीय जनता पार्टी (NDA) लगातार जीत रही है। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को 'सुधार विरोधी' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने महिला आरक्षण बिल की "भ्रूण हत्या" कर दी है। गुर्जर ने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने देश की बहनों से माफी मांगी थी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिल को तुरंत लागू न कर पाने के कारण माफी मांगी थी, लेकिन यह प्रक्रियागत देरी के कारण था, न कि इच्छाशक्ति की कमी के कारण।
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