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    मिल में मजदूर गिरा, परिवार बोला मर गया..वह जिंदा लौटा:मुरादाबाद में परिवार संस्कार की तैयारी कर रहा था, बोला-गिरा तो था, लेकिन बच निकला

    9 hours ago

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    मुरादाबाद में जिस मिल कर्मी की मौत पर बुधवार को पूरा दिन हंगामा चला वो 36 घंटे बाद जिंदा घर लौट आया। उसके घर में तीजे की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच दरवाजे पर दस्तक हुई। परिजनों ने गेट खोला तो अरविंद सिंह सही-सलामत खड़ा था। उसे सामने देखकर कुछ पल के लिए तो कोई कुछ समझ ही नहीं पाया। थोड़ी देर में ये बात पूरे गांव और आसपास के गांवों में फैल गई कि जिसे मरा मान रहे थे, वह वास्तव में जिंदा है। इसके पहले परिजन ये दावा कर रहे थे कि मंगलवार की रात अरविंद शुगर मिल की चेन में गन्ने की पुलियां डालते समय पैर स्लिप होने से चेन में गिर गया। उसी में दबकर उसकी मौत हो गई। परिवार ने मिल सुपरवाइजर, ठेकेदार और सिक्योरिटी गार्ड पर लापरवाही का आरोप लगाया था। डेडबॉडी नहीं मिली तो डॉग स्कवायड की मदद ली गई। परिवार का तर्क था कि वह गन्ना के साथ ही पिस गया है। इस मामले में अरविंद का कहना है कि वह गिरा तो था, लेकिन मशक्कत के बाद मौत को मात देकर किसी तरह निकलने में कामयाब हो गया था। बदहवासी में मैं चलते-चलते जंगल में चला गया। होश आने पर अब घर वापस आया हूं। यह 2 तस्वीर देखिए… अब विस्तार से समझिए पूरा मामला… 3 मजदूरों ने कहा-हमारी नजरों के सामने चेन में गिरकर पिस गया मुरादाबाद में दीवान शुगर मिल है। यहां मझोला थाना के उत्तमपुर बहलाेपुर के मिलक का रहने वाला अरविंद सिंह (32) पुत्र स्व. राजेंद्र काम करता है। वह इस मिल में करीब 4 महीने से काम कर रहा है। वह मंगलवार को भी मिल में काम करने पहुंचा था। घर वापस नहीं गया था। घर वाले उसके न पहुंचने से परेशान थे। बुधवार की सुबह करीब 8 बजे उसके परिवार के लोग रोते-बिलखते हुए पहुंचे। उन्होंने दावा कि अरविंद की मिल में काम के दौरान चेन में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई है। मिल में ही काम करने वाले जितेंद्र, राजेंद्र और गुलशन ने खुद को चश्मदीद बताते हुए कहा कि मंगलवार की रात 12:20 बजे के करीब चेन में गन्ने की पुली डालते समय पैर फिसलने की वजह से अरविंद चेन में गिर गया। इन चश्मदीदों ने दावा किया था कि उनके कहने पर भी मिल प्रबंधन ने गन्ना की पेराई बंद नहीं कराई। चेन सुबह 8 बजे तक चलती रही। इस वजह से उनके साथी अरविंद सिंह की जान नहीं बच सकी। दावा किया वह गन्ने की पुलियों के साथ ही पिस गया। पत्नी ने मिल प्रबंधन पर कार्रवाई को तहरीर दी, पूरा दिन हंगामा हुआ मजदूर अरविंद सिंह की पत्नी अनीता ने मिल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मिल पर कई घंटे तक हंगामा होता रहा। भारतीय किसान यूनियन भी मामले में कूद पड़ी। बड़ी तादाद में जुटे लोगों ने धरना-प्रदर्शन और हंगामा किया। इसके बाद लोग मुरादाबाद कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और यहां भी प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। तर्क दिया कि अरविंद के परिवार में उसकी पत्नी अनीता के अलावा उसके तीन बच्चे इछा (6 साल), कारब (5 साल) और लक्षित (4 साल) हैं। परिवार में वह अकेला ही कमाने वाला था। पिता की मौत हो चुकी है और वृद्धा मां चंदरवती (65 साल) की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। पूरा दिन परेशान रहे अफसर, चेन चेक कराई, डेडबॉडी नहीं मिली अगवानपुर के पास स्थित दीवान शुगर मिल पर चल रहे हंगामे से अधिकारी भी हलकान रहे। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिविल लाइंस ने मौके पर जाकर मिल में पूरी चेन को चेक कराया। लेकिन घंटों की सर्च के बाद भी मजदूर अरविंद सिंह की डेडबॉडी नहीं मिली। मिल की चेन में किसी के कचूमर बन जाने के साक्ष्य भी मौके पर हाथ नहीं आए। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। लेकिन चेन में ब्लड कंटेंट नहीं मिले। दूसरी ओर मजदूर के साथी खुद को इस कथित हादसे का चश्मदीद बताकर यह दावा करते रहे कि उन्होंने मजदूर को अपनी नजरों से शुगर मिल की चेन में गिरते हुए देखा है। हंगामा बढ़ने पर मिल प्रबंधन मजदूर की फैमिली को मुआवजा देने पर राजी हो गया था। इस बाबत एक लिखित समझौता भी मिल प्रबंधन और मजदूर की फैमिली के बीच हुआ था। गुरुवार सुबह घर पहुंचा मजदूर तो सब रह गए हैरान एक तरफ मजदूर अरविंद सिंह की मौत का दावा करके मिल प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन हो रहा था और मुआवजा फिक्स करने की कवायद चल रही थी, दूसरी ओर उसके घर उसके तीजे की तैयारी थी। इस बीच गुरुवार सुबह कथित तौर पर मर चुका मजदूर अरविंद सिंह अपने घर पहुंच गया। बात पुलिस तक भी पहुंची। पुलिस तुरंत गांव पहुंची और मजदूर अरविंद सिंह को अपने साथ ले आई। अब घटना को अरविंद की जुबानी जानिए… सिविल लाइंस थाने पहुंचे मजदूर अरविंद सिंह ने बताया 'मैं शुगर मिल की चेन में गन्ना डालते समय गिर गया था। अचानक गिरने से मुझे मौत सामने नजर आ रही थी। पता नहीं किस तरह गन्ने की पुलियों पर चढ़ते-चढ़ते मैं चेन से बाहर निकलने में कामयाब रहा। ‘मैं इतना बदहवाश हो चुका था कि मुझे कुछ समझ में नहीं आया। मैंने तुरंत मिल से निकलकर चलना शुरू कर दिया। मैं जंगल में भटकता रहा। मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर मुझे अपने घर का पता याद आया और मैं घर पहुंच गया।’ पुलिस मामले की जांच कर रही है SP सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि, मिल में मजदूर के चेन में गिरकर मरने की बात गलत निकली है। जिस मजदूर के मिल चेन में गिरकर मौत का दावा किया जा रहा था, वह अपने घर जिंदा लौट आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ------------------------------ ये भी पढ़ें: 'जज साहब, मुझे पति का साथ चाहिए':कोर्ट में फूट-फूटकर रोईं ज्योति सिंह, कहा-पवन सिंह साथ नहीं रहना चाहते तो मेंटेनेंस में 10 करोड़ दें “जज साहब, मेरी शादी को सात साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक न तो मुझे पति का प्यार मिला और न ही मेरे भरण-पोषण का खर्च मिला है। मैं पवन सिंह के साथ रहना चाहती हूं। मेरे दर्द को नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर वह साथ नहीं रहना चाहते हैं, तो मुझे 10 करोड़ रुपए मेंटेनेंस दिया जाए।” भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने आरा सिविल कोर्ट स्थित कुटुंब न्यायालय में ये बातें कहीं। ये जानकारी खुद ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय ने भास्कर से बातचीत में दी। (पढ़ें पूरी खबर)
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