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    Malaysia का बड़ा कदम! 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध

    4 hours from now

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    बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाने और ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के वैश्विक प्रयासों के बीच मलेशिया ने सोमवार से एक कड़ा और ऐतिहासिक कानून लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत अब मलेशिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस कदम के साथ ही मलेशिया दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जो किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं।इसे भी पढ़ें: Fact Check: क्या IRGC के बढ़ते दखल के कारण ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इस्तीफा दे दिया? जानें वायरल दावे का सच इन नियमों के तहत सोशल मीडिया मंचों को आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी और 16 वर्ष से कम उम्र के सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को ‘अकाउंट’ बनाने से रोकना होगा। ये नियम कम से कम 80 लाख उपयोगकर्ताओं वाले मंचों पर लागू होंगे जिनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब शामिल हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर एक करोड़ रिंगिट (25 लाख अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना लग सकता है। हालांकि, अगर बच्चे इस कानून को किसी तरह दरकिनार कर सोशल मीडिया अकाउंट बना लेते हैं तो उनके माता-पिता पर कोई दंड नहीं लगाया जाएगा। सरकार ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य बच्चों को हानिकारक सामग्री, ऑनलाइन उत्पीड़न और मंचों की उन विशेषताओं से बचाना है जो अत्यधिक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया सहित अन्य देशों ने भी बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित करने के लिए आयु आधारित प्रतिबंध या शर्तें लागू की हैं या उनकी घोषणा की है।इसे भी पढ़ें: RCB की 'डबल धमाका' जीत पर हेजलवुड का बड़ा दावा- 'इस बार हम ज्यादा शांत थे, क्योंकि कोर टीम हमारे साथ थी' ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी इसी तरह के उपायों का अध्ययन कर रहे हैं या उन्हें विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मलेशिया के संचार एवं मल्टीमीडिया आयोग ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य बच्चों को इंटरनेट या डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच बनाने से रोकना नहीं है, बल्कि इनके जरिये सेवा प्रदाताओं से ऑनलाइन खतरों से निपटने और आयु के अनुरूप सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। प्रौद्योगिकी कंपनियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे मलेशिया की नयी अनिवार्यताओं का अनुपालन कैसे करेंगी। मलेशियाई नियामक ने कहा कि आयु सत्यापन प्रणाली को लागू करने के लिए मंचों को कुछ समय की मोहलत दी जाएगी। दक्षिणपूर्व एशिया के लिए ‘मेटा’ की सार्वजनिक नीति निदेशक क्लारा कोह ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि मलेशिया का 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर पूर्ण प्रतिबंध उल्टा पड़ सकता है और इसके कारण किशोर सुरक्षित ऐप से दूर होकर इंटरनेट के अनियंत्रित क्षेत्रों की ओर जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेटा’ ने 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए ‘टीन अकाउंट’ (किशोरों के लिए खाते) शुरू किए हैं जो संपर्क, ‘स्क्रीन’ के सामने बिताए जाने वाले समय और अनुचित सामग्री तक पहुंच को सीमित करते हैं।
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