Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Mamata Banerjee को हाई कोर्ट से बड़ा झटका! Ritabrata Banerjee ही बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष, स्पीकर के फैसले पर रोक से इनकार

    11 hours ago

    1

    0

    पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचे घमासान के बीच सत्ता संग्राम अब अदालती गलियारों में पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को एक बड़ा कानूनी झटका देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को राज्य विधानसभा के स्पीकर के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें बागी टीएमसी विधायक रिताब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में मान्यता दी गई थी। हाई कोर्ट के इस रुख के बाद फिलहाल रिताब्रत बनर्जी अपने पद पर बने रहेंगे और स्पीकर रथिन बसु का फैसला पूरी तरह प्रभावी रहेगा। इसे भी पढ़ें: Haldighati War 450th Anniversary पर Mohan Bhagwat ने साधा इतिहासकारों पर निशाना, Social Media पर भी दिख रही Akbar Vs Maharana Pratap की जंग फिलहाल, रिताब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे और स्पीकर रथिन बसु का फैसला लागू रहेगा, क्योंकि कोर्ट ने स्पीकर के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।जस्टिस कृष्णा राव ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। उन्होंने सभी पक्षों को सुनवाई की अगली तारीख से पहले अपने हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया।आदेश में कहा गया, "इस कोर्ट को याचिकाकर्ता के मामले में अंतरिम आदेश देने के लिए कोई प्रथम दृष्टया मामला या सुविधा का संतुलन (balance of convenience) नहीं मिला, इसलिए अंतरिम आदेश देने से इनकार किया जाता है।"याचिकाकर्ता, TMC विधायक और ममता बनर्जी के करीबी शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक की मांग करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।बुधवार को कोर्ट ने स्पीकर की ओर से पेश हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल बिल्वदल भट्टाचार्य से पूछा कि स्पीकर ने 9 मई को मिले उस पत्र को क्यों लंबित रखा, जिसमें शोवनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने का प्रस्ताव था। इसे भी पढ़ें: Calcutta High Court का बड़ा फैसला, Ritabrata Banerjee को LoP मानने पर रोक नहीं, TMC को झटकाकोर्ट ने गौर किया कि स्पीकर ने उस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन बागी गुट से 3 जून को मिले एक अन्य पत्र पर कार्रवाई करते हुए रिताब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया।कोर्ट ने आगे सवाल किया कि स्पीकर की ओर से इस बात का कोई स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया गया कि पहले आवेदन को नजरअंदाज क्यों किया गया, जबकि दूसरे को लगभग तुरंत स्वीकार कर लिया गया।विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद, उसकी विधायी पार्टी में फूट पड़ गई। पार्टी के ज्यादातर विधायक "बागी" हो गए। पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता शोवनदेब चट्टोपाध्याय को विधायी पार्टी का नेता बनाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, पार्टी के फैसले को दरकिनार करते हुए रिताब्रत ने 58 विधायकों का समर्थन हासिल किया और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन गए।इससे पहले, 1 जून को तृणमूल नेतृत्व ने "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के आरोप में रिताब्रत को पार्टी से निकालने का फैसला किया था। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Shiv Sena-UBT Rebellion Updates: लो फाइनल, उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ा झटका! संसदीय दल की बैठक में नहीं पहुंचे 9 में से 6 सांसद, टूट पर लगी मुहर
    Next Article
    Calcutta High Court का बड़ा फैसला, Ritabrata Banerjee को LoP मानने पर रोक नहीं, TMC को झटका

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment