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    मैनपुरी में किसानों का कलेक्ट्रेट पर धरना, राष्ट्रपति को ज्ञापन:अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और पट्टा निरस्तीकरण का विरोध

    9 hours ago

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    भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेतृत्व में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के विरोध में राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारी किसानों ने तीन सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि प्रस्तावित व्यापार समझौते से सस्ती विदेशी कृषि उपज भारतीय बाजार में आएगी, जिससे स्थानीय किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। किसानों ने तर्क दिया कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी और बड़े कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है, ऐसे में सोयाबीन, मक्का, गेहूं, दाल और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क कम होने से भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा। यूनियन नेताओं ने विशेष रूप से डेयरी सेक्टर पर खतरे की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि देश का दुग्ध उत्पादन छोटे और सीमांत किसानों पर निर्भर है। विदेशी डेयरी उत्पादों के प्रवेश से लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था, कृषि सब्सिडी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) पर भी दबाव बढ़ने की बात कही। धरने में भोंगांव क्षेत्र के ग्राम छाछा में किसानों की पट्टे की जमीन के निरस्तीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि पट्टे निरस्त किए जाने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।
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