Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Manish Tewari का Modi सरकार को समर्थन, West Asia संघर्ष पर बोले- यह हमारा युद्ध नहीं

    3 hours from now

    1

    0

    कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया संघर्ष पर केंद्र सरकार के संतुलित रुख का समर्थन करते हुए कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र में सीमित भूमिका निभाई है और उसे रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देनी चाहिए। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संकट की व्यापकता और जटिलता को देखते हुए नई दिल्ली का सतर्क कूटनीतिक दृष्टिकोण उचित है। इसे भी पढ़ें: ईरान की सीमाओं पर दिख रही दर्दनाक कहानियाँ, भाग जाना चाहते हैं लोग मगर पड़ोसी देशों ने दरवाजे कर रखे हैं बंदतिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि यह क्षेत्र एक ही युद्ध नहीं बल्कि कई परस्पर विरोधी संघर्षों का गवाह है। उन्होंने कहा कि इज़राइल और ईरान के बीच जो कुछ हो रहा है और अमेरिका का किसी एक पक्ष का साथ देना, केवल मध्य पूर्व की स्थिति का मामला नहीं है... यह हमारा युद्ध नहीं है। हम हमेशा से ही वृहत्तर मध्य पूर्व में हाशिए पर रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत को उन भू-राजनीतिक लड़ाइयों में उलझने से बचना चाहिए जिनका उससे सीधा संबंध नहीं है।संयमित रहने के महत्व पर जोर देते हुए तिवारी ने कहा कि भारत सतर्क रहकर सही कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर हम सतर्क हैं, तो शायद हम सही ही कर रहे हैं, क्योंकि रणनीतिक स्वायत्तता का यही अर्थ है - अपने हितों की रक्षा करने और सही दिशा में आगे बढ़ने की क्षमता। संकट की शुरुआत से ही भारत ने पूरे क्षेत्र में अपने हितों को संतुलित करते हुए लगातार संवाद और कूटनीति का आह्वान किया है। हालांकि नई दिल्ली ने खाड़ी में ईरानी हमलों की निंदा की, लेकिन उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के प्रवाह को सुरक्षित करने के लिए तेहरान के साथ संपर्क भी बढ़ाया - यह एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जो वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट के लगभग पांचवें हिस्से को संभालता है। इसे भी पढ़ें: US के लिए बहुत बड़ा परमाणु खतरा है Pakistan, Tulsi Gabbard के खुलासे के बाद Donald Trump ने पकड़ा माथासंघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के अंदर समन्वित हमले किए, जिसमें कई स्थानों पर लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में वाशिंगटन और यरुशलम से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई की, जिससे एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई। इस बीच, भारत खाड़ी क्षेत्र में हो रही अस्थिरता पर कड़ी नज़र रख रहा है, क्योंकि यह अस्थिरता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, ऊर्जा सुरक्षा और इस क्षेत्र में रहने और काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है।#WATCH | Delhi | On West Asia conflict, Congress MP Manish Tewari says, "It's important to understand that there is not one war which is happening in West Asia. There are multiple wars which are taking place.... What is happening between Israel and Iran and the United States,… pic.twitter.com/csuArPjBSo— ANI (@ANI) March 17, 2026
    Click here to Read more
    Prev Article
    Excise Scam: ED की अर्जी पर Kejriwal-सिसोदिया को Delhi HC से मिली मोहलत, 2 April को अगली सुनवाई
    Next Article
    Kerala Politics Explained: 'लाल किले' में BJP की बड़ी सेंध, जानें Vote Share से लेकर पहली जीत तक की पूरी कहानी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment