Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मेरठ में तलाक लेने वाली प्रणिता के सास-ससुर का दर्द:बोले- पोते के मुंडन में नहीं बुलाने पर बिगड़ी बात, दादा-दादी का अधिकार छीन लिया

    5 hours ago

    2

    0

    '7 मार्च 2025 को मेरी बहू प्रणिता को बेटा हुआ। नवंबर में पोते का मुंडन होना था, लेकिन बहू प्रणिता के पिता ज्ञानेंद्र ने मेरे परिवार को बताए बिना ही मुंडन करा दिया। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि यह मामला तलाक तक पहुंच गया।' ये बातें मेरठ के श्याम किशोर ने कही। प्रणिता का सोमवार को उनके मेजर पति गौरव से तलाक हुआ। प्रणिता के पिता रिटायर्ड जज हैं। उन्होंने जिस धूमधाम से बेटी को शादी के बाद विदा किया था, उसी तरह तलाक के बाद भी उसे घर लेकर आए। परिवार के लोगों ने मिठाई बांटी। फूल-मालाओं से बेटी का स्वागत किया। इसके बाद 'दैनिक भास्कर’ से प्रणिता के सास-ससुर ने बातचीत की। पढ़िए…. पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला जानिए… 7 साल की शादी में बेटे के साथ 3 साल ही रहे मेजर गौरव अग्निहोत्री के पिता श्याम किशोर भी आर्मी से रिटायर्ड हैं और किसान संगठन से जुड़े हैं। इसके अलावा वे ग्राम प्रधान भी हैं। गौरव की मां अनीता अग्निहोत्री गृहिणी हैं, जबकि उनका छोटा भाई भी आर्मी में इंजीनियर के पद पर तैनात है। श्याम किशोर ने बताया- गौरव की शादी 2018 में रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की बेटी प्रणिता शर्मा से हुई थी। शादी के बाद से ही प्रणिता के माता-पिता का अधिक हस्तक्षेप था। 1 साल बाद ही प्रणिता ने झगड़े शुरू कर दिए। उनके परिवार ने उसे भड़काकर विवाद बढ़ा दिया। प्रणिता और उनके बेटे की शादी को 7 साल हो चुके थे। लेकिन वे अपने बेटे के साथ मुश्किल से 3-4 साल ही रहे। साल 2019 में गौरव पर 3 मुकदमे दर्ज हुए, जो इलाहाबाद, दिल्ली और बरेली में थे। इसके बावजूद गौरव ने समझौता कर लिया और प्रणिता के साथ रहने लगे। पोते के मुंडन में ना बुलाने पर विवाद हो गया इस दौरान हमें कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा। प्रणिता ने मुझे और बेटे को किसी भी त्योहार साथ मनाने नहीं दिया। 7 मार्च 2025 को प्रणिता को बेटा हुआ, जिसका नाम ओजस्व अग्निहोत्री रखा गया। गौरव ने बताया कि नवंबर महीने में बेटे का मुंडन होना था, लेकिन प्रणिता के पिता ज्ञानेंद्र ने गौरव और उसके पिता श्याम किशोर को बताए बिना ही ओजस्व का मुंडन करा दिया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और झगड़ा बढ़ गया। मामला तलाक तक पहुंच गया। पोते से मिलने का अधिकार छीन लिया वहीं, मेजर गौरव की मां और प्रणिता की सास ने कहा- मेरे पति भी आर्मी में रहे हैं और दोनों बेटे भी सेना में सेवा दे चुके हैं। इस तरह के मामले से सेना की छवि पर बुरा असर पड़ता है। हमारे पोते को उनसे अलग कर दिया गया है। प्रणिता और उसका परिवार ऐसी तस्वीरें साझा करते हैं, जिससे बच्चा अपने दादा-दादी को पहचान न सके। उनका मकसद खुद को ही बच्चे के 'असली माता-पिता' के रूप में स्थापित करना है, जबकि दादा-दादी को पोते से प्यार करने का अधिकार भी छीन लिया गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    AK-47 को खिलौना बताने वाला इंस्पेक्टर सस्पेंड:हैंडग्रेनेड को परफ्यूम बोतल बताई; बिजनौर में संदिग्ध आतंकी को दी थी क्लीनचिट
    Next Article
    मां की मौत...दादी-पापा संग जेल गई एक महीने की बच्ची:झांसी में देखरेख के लिए कोई नहीं था, पुलिस ने दूध- डायपर की व्यवस्था की

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment