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    मेरठ से आतंकी कनेक्शन वाले तुषार चौहान की कहानी:माता पिता बोले- बेटे की जान को खतरा, ATS का दावा उनके पास पुख्ता साक्ष्य

    3 hours ago

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    ATS ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ उनके पास पुख्ता साक्ष्य हैं। यहां तक दावा किया गया है कि एक आतंकी ने तो पाकिस्तानी गैंगस्टर के बहकावे में आकर इस्लाम धर्म तक कुबूल कर लिया। यह कोई और नहीं बल्कि मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की वैष्णों धाम कालोनी में रहने वाला तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान है। जिसकी लंबे समय से ATS निगरानी कर रही थी। दो तस्वीरें देखें… पहले जानते हैं क्या है ATS का दावा ATS ने नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिजबुल अली खान और उसके सहयोगी समीर खान को गिरफ्तार किया है। दावा है कि दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ ही पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट के अलावा पाकिस्तानी कट्टरपंथी यू्ट्यूबर के लिए काम करते आ रहे थे। उनको संवेदनशील क्षेत्रों की रेकी और प्रभावशाली व्यक्तियों पर हैंड ग्रेनेड फेंकना का ऑफर दिया गया था। वारदात से पहले 50 हजार रुपये और काम पूरा होने के बाद 2.5 लाख रुपये देने का दोनों से वायदा किया गया था। 14 दिन की पुलिस रिमांड हुई मंजूर मेरठ के तुषार चौहान उर्फ हिजबुल अली खान और समीर खान को गुरुवार को ATS ने कोर्ट के समक्ष पेश कर रिमांड मांगी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों की 14 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। इस 14 दिन के भीतर ATS को कुछ अनसुलझे सवालों के जवाब ढूंढने हैं। साथ ही इन दोनों के नेटवर्क को भी खंगालना है। संभावना जताई जा रही है कि अभी कुछ और लोग इन्हीं की तरह एक्टिव हो सकते हैं। पहले जानिए तुषार के परिवार के बारे में तुषार का परिवार मूलरूप से बागपत के रमाला का रहने वाला है। परिवार में पिता शैलेंद्र चौहान के अलावा मां ऋतु चौहान भी हैं। शैलेंद्र चौहान रियल एस्टेट से जुड़े हैं जो वर्ष 1995 में बागपत से देहरादून शिफ्ट हो गए। वहां शिफ्ट होने के लगभग 10 वर्ष बाद 5 मई, 2006 को ऋतु चौहान ने बेटे तुषार चौहान को जन्म दिया। वर्ष 2023 तक पूरा परिवार देहरादून रहा लेकिन फिर शैलेंद्र चौहान अपने परिवार को लेकर मेरठ आ गए और यहां अलग अलग जगह किराए का मकान लेकर रहे। करीब 20 दिन पहले ही वह कंकरखेड़ा की वैष्णो धाम कालोनी में आए हैं। पिता बोले- तुषार को घर से ले गई ATS तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान व मां ऋतु चौहान ने बेटे की नोएडा से गिरफ्तारी की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में शैलेंद्र चौहान ने बताया कि 20 अप्रैल को एक फोन आया। कॉलर बोला- कोरियर आया है लेकिन एड्रेस नहीं मिल रहा। पहले तो उन्होंने कोई कोरियर नहीं मंगाने की बात बोली लेकिन फिर उन्होंने कॉलर को अपने घर की लोकेशन बता दी। तीन लोग घर पर आए। जैसे ही दरवाजा खुला, तीनों अंदर आ गए और खाना खा रहे उनके बेटे को हिरासत में ले लिया। पूछताछ की बात कहकर ले गए शैलेंद्र का कहना है कि जो लोग घर आए उन्होंने कहा था कि तुषार के फोन में गैरकानूनी व देश विरोधी कंटेन्ट मिले हैं। वह उसे पूछताछ के लिए लेकर जा रहे हैं। बात झूठी निकली तो वह उसे छोड़ देंगे लेकिन अगर सच निकली तो वहीं जमा करा देंगे। 22 अप्रैल को उसी ATS के दरोगा का फोन आया, जिसने बताया कि वह गुरुवार को तुषार को कोर्ट के समक्ष पेश कर रहे हैं, इसलिए लखनऊ आ जाएं। पत्नी बीमार है, इसलिए वह खुद नहीं गए और अपने परिचितों को वहां भेज दिया। कोर्ट ने तुषार को जेल भेज दिया। परिवार बोला- मानसिक रोगी है तुषार इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौकाने वाली बात जो निकलकर आई है, वह तुषार की मानसिक स्थिति है। शैलेंद्र की मानें तो तुषार बचपन से ADHD यानि Attention-Deficit/Hyperactivity Disorder का शिकार है। उसका लंबे समय उपचार भी कराया लेकिन वह कंडक्ट डिसोर्डर यानि आचरण विकार का शिकार हो गया। उन्होंने दिल्ली स्थित वर्ल्ड ब्रेन सेंटर हॉस्पिटल के कुछ प्रिस्क्रिप्शन भी दिखाए, जिसमें तुषार में यह बीमारी होना दर्शाया गया था। मां बोली- फीते नहीं बांध पाता तुषार तुषार पर इतने गंभीर आरोप लगने के बाद सबसे ज्यादा धक्का मां ऋतु चौहान को लगा है। वह बेटे को याद कर फफक फफक कर रोने लगती हैं। ऋतु ने दैनिक भास्कर को बताया कि ADHD ग्रस्त होने के कारण तुषार अपना कोई काम नहीं कर पाता। नहलाने व सुलाने से लेकर जूते के फीते बांधना, नाखून काटना, यहां तक कि चाकू से फल काटना तक उसे नहीं आता है। पिता ने कहा- यह बीमारी तुषार को पढ़ाई से दूर ले गई। ओपन बोर्ड से उसने दसवीं पास की। पिछले वर्ष 12वीं का एग्जाम दिया लेकिन पास नहीं हो पाया। पिता को आ रही मामले में साजिश की बू शैलेंद्र सिंह ने पूरे प्रकरण को साजिश बताते हुए बेटे की जान का खतरा जताया है। वह बताते हैं कि 5 नवंबर, 2025 की रात गंगानगर थाने की पुलिस तुषार को अचानक उठाकर ले गई। आरोप था कि उसने विशेष संप्रदाय के धर्मगुरु को सोशल मीडिया पर अपशब्द लिखे हैं। इसको लेकर ब्रह्मपुरी थाने में हंगामा भी हुआ था। सुरक्षा के लिहाज से तुषार को ले जाया गया था। अगली सुबह उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने जेल भेज दिया लेकिन बाद में उसकी जमानत हो गई। उनका मानना है कि उसी मामले में साजिश रचकर तुषार को फंसाया गया है। ताकि जेल में बदला ले सकें। पिता बोला- गुनहगार निकला तो खुद गोली मार दूंगा शैलेंद्र चौहान ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान अपने सबसे महत्वपूर्ण राज से भी पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उनके पिता यानि तुषार के दादा गोरधन सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे और नेताजी सुभाष चंद बोस की आजाद हिंद फोन के सक्रिय सदस्य थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा उनके पिता को सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र भी दिया गया था। उनका बेटा देश के स्वतंत्रता सेनानी का बेटा है। वह नहीं मान सकते कि वह देशद्रोही होगा। फिर भी अगर ऐसा हुआ तो वह खुद उसे गोली मार देंगे।
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