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    मंत्री आशीष पटेल ने UGC का समर्थन किया:मिर्जापुर में विभिन्न संगठनों ने हिंदू समाज को बांटने का आरोप लगाया

    17 hours ago

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    मिर्जापुर। अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों का समर्थन किया है। उनके इस बयान पर विभिन्न संगठनों के लोगों ने हिंदू समाज को बांटने का आरोप लगाया है। आशीष पटेल ने एक एजेंसी से बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का गठन वंचित वर्गों के संरक्षण के लिए हुआ है। पार्टी के संस्थापक सोनेलाल पटेल ने आजीवन इन वर्गों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की नेता (अनुप्रिया पटेल) शुरुआत से ही UGC रेगुलेशन को लागू करने के पक्ष में रही हैं और उन्होंने इस संबंध में उचित स्तर पर बात भी की है। मंत्री पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है और वह UGC रेगुलेशन का समर्थन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के अनुरूप काम करने की शपथ लेने वाले कुछ लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'बटेंगे तो कटेंगे' संदेश के विपरीत है। इस मामले पर करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनुप्रिया पटेल को भाजपा के सहयोग और सवर्णों के वोटों से तीसरी बार सांसद बनने का अवसर मिला है। उन्होंने दावा किया कि अब उनकी राजनीतिक विदाई सुनिश्चित है, क्योंकि पिछले चुनाव में उन्हें मात्र 38 हजार वोटों से जीत मिली थी और सवर्ण समाज जाग चुका है। अधिवक्ता मधुकर मिश्र ने कहा कि आशीष पटेल चुनाव जीतकर नहीं, बल्कि अनुकम्पा से मंत्री बने हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अनुप्रिया पटेल ने कभी मंच पर अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। मिश्र ने जोर दिया कि समाज न बटेगा और न कटेगा, बल्कि समाज हित की बात करने वालों को ही समर्थन देगा। शुभम मिश्र ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) शताब्दी वर्ष पर गांव-गांव में हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मंत्री पद पर आसीन व्यक्ति UGC की आड़ में समाज के विभाजन की बात कर रहा है। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एस एन पाठक ने कहा कि अपनी पार्टी के सिद्धांत के अनुरूप आशीष ने विचार व्यक्त किया है। उन्होंने इस नए प्राविधान को वापस लिए जाने की मांग केंद्र सरकार से की कहा कि रोल बैक न करने पर सवर्ण समाज सड़कों पर उतरेगा।
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