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    मिंत्रा ने 26 हजार की जैकेट की जगह भेजी हाफ-जींस:भदोही के मिठाई कारोबारी को जुर्माने समेत लौटाने होंगे 56 हजार, कंज्यूमर फोरम ने दिया आदेश

    7 hours ago

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    भदोही के एक मिठाई कारोबारी ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट मिंत्रा को प्रीमियम जैकेट के बदले जींस भेजने पर उपभोक्ता फोरम ने जुर्माने समेत दोगुनी रकम लौटाने का आदेश दिया है। कारोबारी ने 26,520 रुपये की जैकेट ऑर्डर की थी। उसने गलत सामान भेजने की शिकायत की और ऑर्डर को वापस भेजा। लेकिन शिकायतों के बाद भी न ही पैसे वापस नहीं मिले। जिसके बाद उसने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। मामले में तीन साल बाद उपभोक्ता फोरम ने जैकेट की कीमत समेत 25000 जुर्माना लगाकर कुल 56 हजार रुपये वापस करने का आदेश दिया है। पूरा मामला ज्ञानपुर शहर का है। अब समझिए पूरा मामला ज्ञानपुर भदोही निवासी अरुण कुमार मोदनवाल की शहर में ही मिठाई की शॉप है। अरुण के अनुसार, 21 नवंबर 2023 को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिंत्रा से 26,520 रुपये में 'कार्ल लेगरफेल्ड मॉक कॉलर पफर जैकेट' (लार्ज साइज) ऑर्डर की थी। एक हफ्ते बाद ये ऑर्डर मेरे घर पहुंचा। जब उसे खोला गया तो होश उड़ गए। पार्सल में जैकेट की जगह बच्चों की हाफ जींस मिली। ये देखते ही मैंने तत्काल हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की। जिसके बाद ऑर्डर को वापस करने को कहा गया। तीन महीने बाद की शिकायत आरोप है कि ऑर्डर वापस करने के बाद उसके पैसे रिफंड नहीं किए गए। हर बार यही मैसेज आता रहा कि वापस आए सामान की गुणवत्ता चेक करने बाद पैसे वापस खाते में भेजे जाएंगे। करीब तीन महीने इंतजार के बाद जब पैसे वापस नहीं आए तो रिटर्न अनुरोध और नोटिस भेजा। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद 21 फरवरी 2024 को उपभोक्ता फोरम में मामले की शिकायत की। दो साल मामले में सुनवाई चली। आयोग ने कहा- सही सामान देना कंपनी की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और उपभोक्ता आयोग के पेशकार स्वतंत्र रावत ने बताया- सुनवाई के दौरान मिंत्रा की तरफ से ये तर्क दिया गया कि कंपनी केवल एक ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है। लेकिन आयोग ने इस तर्क को खारिज करते हुए माना कि प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता। आयोग ने स्पष्ट कहा कि प्लेटफॉर्म का दायित्व है कि उसके माध्यम से बेचे जा रहे उत्पादों की डिलीवरी सही और विश्वसनीय हो। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे एवं सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव और विजय बहादुर सिंह की पीठ ने मिंत्रा ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद मामले में जुर्माने के साथ मूल धन वापस करने का फैसला सुनाया। 6% ब्याज समेत लौटाने होंगे पैसे आदेश के मुताबिक, कंपनी को मिठाई कारोबारी अरुण कुमार को 26,520 रुपये खरीद तिथि 21 नवंबर 2023 से निर्णय/आदेश की तिथि तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज सहित वापस करने होंगे। इसके अलावा मिंत्रा को मानसिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 25,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। आयोग ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि फैसले के दो महीने के अंदर पैसे वापस नहीं किये जाते हैं तो पूरी रकम पर वास्तविक भुगतान की तिथि तक 12% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।
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