Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मोदी की सुनते हैं पुतिन! पोलैंड का बड़ा खुलासा

    1 day ago

    1

    0

    पोलैंड के उप-विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोसज़ेव्स्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को और बढ़ने से रोकने की कोशिशों में भारत की भूमिका की तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों पर बहुत ध्यान देते हैं और नई दिल्ली उन कुछ देशों में से एक है जो मॉस्को पर असर डाल सकते हैं। न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में बार्टोसज़ेव्स्की ने पीएम मोदी को रूस के साथ लंबे समय से संबंध रखने वाले एक ऐसे नेता के तौर पर बताया जिनका दुनिया भर में सम्मान है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को और कीव के बीच तनाव को और बढ़ने से रोकने में भारत की भूमिका बहुत अहम है। न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के एक बहुत जाने-माने नेता हैं जिनका बहुत सम्मान किया जाता है। भारत के रूस (और उससे पहले सोवियत संघ) के साथ गुटनिरपेक्ष देश के तौर पर लंबे समय से संबंध रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन असल में प्रधानमंत्री मोदी की बातों पर ध्यान देते हैं। इसे भी पढ़ें: दबे पांव आएगी मौत! तैयार रहना ट्रंप, अब खुल्लम-खुल्ला धमका रहा ईरानउन्होंने 2022 के आखिर में पीएम मोदी की भूमिका को भी याद किया और दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री ने संघर्ष के दौरान रूस को टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल करने से रोकने में मदद की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन कुछ लोगों में से एक हैं जो राष्ट्रपति पुतिन पर असल में कुछ दबाव और प्रभाव डाल सकते हैं, और यह साफ़ तौर पर एक ऐसा काम है जिससे भारत इस संघर्ष को रोकने में मदद कर सकता है। पोलैंड के नेता ने यह भी कहा कि तनाव कम करने की अपील उन नेताओं की तरफ से आने पर ज़्यादा मायने रखती है जिन्हें रूस का विरोधी नहीं माना जाता है। उन्होंने कहा कि हर कोई तनाव बढ़ने के ख़िलाफ़ है, न सिर्फ़ भारत और प्रधानमंत्री मोदी, बल्कि चीन के शी जिनपिंग भी। यह बात अहम है, ख़ासकर तब जब यह अपील ऐसे देशों की तरफ़ से आए जिन्हें रूस का विरोधी नहीं माना जाता। यहाँ भारत की भूमिका बहुत अहम है। इसे भी पढ़ें: भारत ने रूस भेजा तेल, 55 बिलियन का बड़ा धमाका! 25% की उछाल अचानक कैसे लगेगी?बार्टोस्ज़ेव्स्की ने यह भी कहा कि वारसॉ और नई दिल्ली ने रूस से तेल आयात को लेकर अपने मतभेदों को सुलझा लिया है और अब वे एक-दूसरे के नज़रिए को बेहतर ढंग से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पोलैंड ने पहले चिंता जताई थी कि भारत द्वारा रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदने से रूस की युद्ध-अर्थव्यवस्था को मदद मिल रही है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के नज़रिए को समझ लिया है और अब यह मुद्दा चर्चा का कोई अहम विषय नहीं रहा। मुझे लगता है कि भारत के रूसी तेल खरीदने को लेकर हमने आलोचनात्मक रुख अपनाया था। हम इसके पीछे की आर्थिक वजह समझते थे, क्योंकि यह तेल भारी छूट पर मिल रहा था—बाज़ार भाव से लगभग 40 प्रतिशत कम पर। हम यह बात समझते थे, लेकिन इससे रूस की युद्ध-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा था। इसलिए इस मामले पर हमारा नज़रिया अलग था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    PoJK Protests: दशकों के शोषण और Systemic Exploitation का परिणाम है अशांति, भारत ने Pakistan को दुनिया के सामने घेरा
    Next Article
    Israel-Palestine विवाद के बीच भारत की Global Diplomacy, UN Membership और Two-State Solution पर दिया कड़ा संदेश

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment