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    मथुरा डिप्टी कमिश्नर के भाई की बांके से हत्या:हरदोई में घर में लहूलुहान मिला, मरने से पहले अंतड़ियां समेटते हुए बोला- अभी जिंदा हूं, भाई को आने दो..

    21 hours ago

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    मथुरा के डिप्टी कमिश्नर (उद्योग) के सगे छोटे भाई की हरदोई स्थित पैतृक घर में बांके से वार करके हत्या कर दी गई। सुबह जब उनकी मां सोकर उठीं तो बेटे को आंगन में लहूलुहान हालत में छटपटाते देखा। पेट में दाहिनी तरफ धारदार हथियार से गंभीर घाव था। आंतें तक बाहर लटक गई थीं। फर्श पर खून ही खून फैला हुआ था। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। देखा तो युवक जिंदा था। पेट में गहरा घाव होने के बावजूद वह अपनी बिखरी हुई आंते समेटते हुए कह रहा था- "अभी कहीं मत जाओ, मैं मरा नहीं हूँ, अभी जिंदा हूँ... मेरे भाई को आने दो।" मरने से पहले युवक ने गांव के ही इंद्रपाल और उसके दो अन्य साथियों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया। कहा- पूरी प्लानिंग के साथ मुझ पर हमला किया गया है। पड़ोसियों ने तुरंत सीएचसी पहुंचाया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। कुछ देर के उपचार के बाद युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि डिप्टी कमिश्नर के पिता की भी जून 2023 में हत्या कर दी गई थी। पुरानी रंजिश को लेकर 5 दबंगों ने पहले उन्हें सरेराह बुरी तरह से पीटा था, फिर बांके से हाथ काट दिया था। तस्वीरें देखिए... पूरा मामला विस्तार से समझ लीजिए... मथुरा में डिप्टी कमिश्नर (इंडस्ट्रीज) के पद पर तैनात रावेंद्र कुमार का पैतृक घर हरदोई में जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर पाली थाना क्षेत्र के मुड़रामऊ गांव में स्थित है। घर में उनकी मां गोमती (78) और छोटा भाई विजय प्रताप (35) रहते थे। मां गायत्री ने बताया- सुबह करीब 6:30 बजे मैं सोकर उठी तो देखा आंगन में छोटे बेटे विजय का शव लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था। उसके पेट से खून निकल रहा था। पेट की आंतें और अन्य आंतरिक अंग बाहर निकल आए थे। किसी धारदार हथियार से हमला किया गया था। हालांकि तब तक सांसें चल रही थीं। विजय ने बताया- गांव के ही रहने वाले इंद्रपाल और दो अन्य लोगों ने उस पर हमला किया है। वह अस्पताल जाने से इनकार कर रहा था। पड़ोसियों की मदद से तत्काल पाली सीएचसी पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। करीब 2 घंटे के इलाज के बाद विजय ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने गायत्री के बयान पर मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की। पुलिस घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आंतें बाहर, फिर भी कहा- "मैं मरा नहीं हूँ" मरने से पहले विजय का लहूलुहान हालत में एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह घर के बरामदे में पेट के बल घायल पड़ा हुआ है। पेट की अंतड़ियां बाहर बिखरी हुई दिख रही हैं। पर इसके बाद बावजूद विजय की हिम्मत नहीं टूटी। विजय ने कराहते हुए कहा- मैं अभी मरा नहीं हूं, जिंदा हूं। अभी कहीं मत लेकर जाओ... मेरे भाई को आने दो...। गांव के इंद्रपाल और दो अन्य आदमियों ने मुझे मारा है। पूरी साजिश के तहत मुझ पर हमला किया गया है। ASP बोले- एक नामजद आरोपी हिरासत में ASP मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया- पाली थाना क्षेत्र में विजय नामक युवक पर धारदार हथियार से हमल की सूचना मिली थी। इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई है। मरने से पहले युवक ने हमलावरों का नाम बताया है। एक नामजद आरोपी इंद्रपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार होंगे। तीन साल पहले गैस एजेंसी विवाद को लेकर पिता की भी हत्या… जून 2023 में डिप्टी कमिश्नर रावेंद्र कुमार के पिता दयाराम (75) की भी हत्या कर दी गई थी। वे सुबह चारा काटने खेत की ओर जा रहे थे, तभी गांव के 5 दबंगों ने घात लगाकर बांके से हमला कर दिया। इसमें उनका हाथ कट गया। हरदोई मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ले जाते समय उन्होंने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया था। दरअसल गांव के दो पक्षों में विवाद चल रहा था। दयाराम बीचबचाव करने की कोशिश कर रहे थे, तभी दबंगों ने उन पर भी हमला बोल दिया। इस मामले को लेकर पुलिस ने तत्काल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। दयाराम के छोटे बेटे विजय प्रताप के नाम दिसंबर 2013 को भारत गैस एजेंसी मंजूर हुई थी। कुछ समय बाद महावीर ने विजय की गैस एजेंसी को निरस्त करवा दिया था। इसके बाद महावीर ने फर्जी तरीके से खुद का नाम बदलकर हंसराज बताकर गैस एजेंसी अपने नाम करवा ली थी।​​​​​ दयाराम ने 2021 में कोर्ट के आदेश पर महावीर के खिलाफ पाली थाने में फ्रॉड सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें महावीर को जेल भी हुई थी। जांच में गलत पाए जाने पर महावीर की गैस एजेंसी को भी निरस्त कर दिया गया था। तभी से महावीर और दयाराम के बीच दुश्मनी चल रही थी। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… देवर-भाभी चॉकलेट डे पर बिस्तर पर पकड़े गए:आगरा में बचने के लिए पति को मारकर लटकाया, परिवार ने सुसाइड मानकर बॉडी जलाई चॉकलेट डे मनाने के लिए देवर को बुलाया था। हम दोनों एक साथ बेड पर थे। पति घर लौटा, तो हम दोनों को देखकर आगबबूला हो गया। इसलिए उसकी हत्या करनी पड़ी। ये कहना है आगरा की महिला का, जिसने देवर के साथ मिलकर अपने पति को मार दिया। वारदात को सुसाइड दिखाने के लिए शव को फंदे पर लटकाया। परिजनों ने भी मामले को सुसाइड मानकर पति का अंतिम संस्कार कर दिया। पूरी खबर पढ़िए…
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