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    मंदिर में अचानक 'कुत्ते' की तरह भौंकने लगा किशोर, VIDEO:मिर्जापुर में भीड़ देखकर डरा, 'भूत-भूत' चिल्लाकर सहमा; रेबीज की आशंका

    5 hours ago

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    मिर्जापुर के श्रीराम जानकी मंदिर में 17 साल के युवक को लेकर पिता और भाई पहुंचे। युवक, कुत्ते की तरह भौंक रहा था। भौंकते-भौंकते वह 'भूत-भूत' चिल्लाने लग रहा था। भूत के अंधविश्वास में परिजन उसे मंदिर में लेकर पहुंचे थे। युवक को देखकर मंदिर कैंपस में काफी भीड़ इकट्‌ठा हो गई। भौंकने के दौरान उसके मुंह से लार टपक रहा था। पानी देखकर भी वह बुरी तरह डर जा रहा था। उसकी हालत को देखकर लोगों ने झाड़-फूंक की बजाय डॉक्टर के पास ले जाने की सलाह दी। तत्काल डॉयल 108 पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई गई। उसे अस्पताल भेजवाया। स्थानीय अस्पताल के डॉक्टर ने रेबीज की एडवांस स्टेज की आशंका को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। डॉक्टर ने बताया- एंटी रेबीज कोर्स पूरा न होने के कारण किशोर रेबीज का शिकार हो चुका है। दरअसल, किशोर को 4 महीने पहले कुत्ते ने काट लिया था। उसे रेबीज के दो इंजेक्शन लगे थे, पर तीसरा इंजेक्शन परिवार वालों ने नहीं लगवाया था। परिवार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर कछवां थाना क्षेत्र के जोगीपुरवा गांव का रहने वाला है। शनिवार को युवक को लेकर मंदिर पहुंचे थे। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए... अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला जानिए... कछवां थाना क्षेत्र के जमुआ चौराहे स्थित श्रीराम‑जानकी मंदिर और हनुमान मंदिर परिसर में शनिवार शाम जोगीपुरवा के गुरू नानक अपने छोटे भाई बेटे करण (17) को गोद में लेकर पहुंचे। उनके साथ पिता भाईलाल भी थे। मंदिर में लोगों को देखकर युवक अचानक से कुत्ते की तरह भौंकने लगता तो कभी “भूत-भूत” कहकर डरने लगता। युवक को देखकर मंदिर में काफी भीड़ एकत्र हो गई। काफी लोग उसे देखकर डर भी गए। परिजन झाड़-फूंक कराने पहुंचे थे। लोगों के पूछने पर भाई ने बताया- करीब चार महीने पहले करण अपने ननिहाल हरौवा गया था। वहां उसे कुत्ते ने काट लिया था। उस समय एक इंजेक्शन निजी क्लिनिक में और दूसरा सीएचसी कछवां में लगवाया गया, लेकिन तीसरा इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण नहीं लग पाया था। पिता भाईलाल ने बताया- शुक्रवार को अचानक करण के सिर में तेज दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद वह डरने लगा और अजीब हरकतें करने लगा। भौंकने लगा। पानी देखकर डरने लगा। वह बार-बार डर रहा था। भूत-भूत कह रहा था। हमें लगा किसी ने जादू-टोना कर दिया है तो हम झाड़-फूंक कराने मंदिर ले आए। भीड़ को देखकर हालत बिगड़ी मंदिर आकर भीड़ देखकर उसकी हालत और बिगड़ गई। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा, कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा और लोगों से बचने की कोशिश करने लगा। यह देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोग घबरा गए और अफरा-तफरी मच गई। 108 एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया स्थानीय निवासी बद्री सिंह ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची। किशोर को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछवां भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद वाराणसी रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन किशोर के अनुसार, मरीज को दो वैक्सीन लगी थीं, लेकिन तीसरी खुराक नहीं लग सकी। डोज पूरा नहीं होने की वजह से रेबीज के लक्षण उभर आए हैं। 6 भाई-बहनों में सबसे छोटा है करण, मां की पहले ही मौत पिता भाईलाल ने बताया- वे पैरालिलिस अटैक के कारण 4 साल से लकवाग्रस्त हैं। बड़ा बेटा नानक मोबाइल रिपेयरिंग और टाइल्स लगाकर परिवार को पालता है। करण 3 भाई और 3 बहनों में सबसे छोटा है। मंझला भाई पागल है और कूडा़ बीनता रहता है। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। भाईलाल ने बताया- मां की कुछ साल पहले ही पहले ही बीमारी से मौत हो गई थी। करण गांव के ही सरकारी स्कूल में 7वीं कक्षा का छात्र था। पिछले साल उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। वह गांव की एक चाय दुकान में काम करता था। अब रेबीज के बारे में जानिए… रेबीज एक खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह लाइसावायरस नामक वायरस से होता है और आमतौर पर संक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर या अन्य जानवर के काटने या खरोंच से फैलता है। दुर्लभ मामलों में अंग प्रत्यारोपण से भी संक्रमण हो सकता है। समय पर टीकाकरण न होने पर वायरस शरीर में फैलकर दिमाग पर हमला करता है, जिससे व्यवहार में बदलाव, डर, बेचैनी, पानी से घबराहट और झटके जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मनुष्यों में लक्षण प्रकट होने के बाद रेबीज लगभग हमेशा घातक साबित होता है, इसलिए जानवर के काटते ही तुरंत वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। सही समय पर उपचार शुरू कर दिया जाए तो संक्रमण को रोका जा सकता है। दुनिया के कुछ देशों में रेबीज नहीं पाया जाता, लेकिन कई जगह चमगादड़ों में इससे संबंधित वायरस मिलते हैं, जो इंसानों के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए किसी भी जानवर के काटने को हल्के में न लेकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। ------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… खाना नहीं दिया तो सौतेली मां को मार डाला:सिर पर हथौड़े से किए ताबड़तोड़ वार, आरोपी बेटा गिरफ्तार संभल में युवक ने अपनी सौतेली मां के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। वह खाना देर से मिलने से नाराज था। चीखने की आवाज सुनकर जब पिता किचन में पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। पास ही हथौड़ा पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने के पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर…
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