Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Modi से मिलते ही Meloni ने इस बार कह दी बड़ी बात, "We’re the most famous couple on Instagram"

    1 hour from now

    1

    0

    फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में वैसे तो दुनिया के कई बड़े नेताओं के बीच अहम मुलाकातें और वैश्विक मुद्दों पर चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात की हो रही है। दोनों नेताओं के बीच हुआ हल्का फुल्का संवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। सामूहिक तस्वीर के दौरान मेलोनी ने मुस्कुराते हुए मोदी का स्वागत किया, जिसके बाद दोनों के बीच "इंस्टाग्राम पर सबसे मशहूर जोड़ी" को लेकर हुई बातचीत ने एक बार फिर "मेलोडी" चलन को सुर्खियों में ला दिया।हम आपको बता दें कि शिखर सम्मेलन में जब सभी देशों के नेता पारंपरिक सामूहिक तस्वीर के लिए एकत्र हुए, तब जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी का मुस्कुराते हुए स्वागत किया और कहा, "आपसे फिर मिलकर अच्छा लगा।" इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों की सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का जिक्र किया, जिस पर मेलोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, "हां, हम इंस्टाग्राम पर सबसे मशहूर जोड़ी हैं।" यह संवाद सामने आते ही इंटरनेट पर तेजी से फैल गया और लोगों ने दोनों नेताओं की दोस्ताना केमिस्ट्री की खूब चर्चा की।इसे भी पढ़ें: जी-7 क्या है? इसके वैश्विक मायने क्या हैं? दुनिया के विभिन्न महत्वपूर्ण देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?दरअसल "मेलोडी" शब्द प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी के उपनामों को मिलाकर बनाया गया है। यह चलन पहली बार नवंबर 2023 में दुबई में आयोजित कोप 28 सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ था। उस समय मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक सेल्फी साझा करते हुए लिखा था, "कोप 28 में अच्छे दोस्त #मेलोडी।" इसके बाद यह शब्द सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो गया। लोगों ने इस पर मीम, वीडियो और कई रचनात्मक पोस्ट बनानी शुरू कर दीं।पिछले तीन वर्षों में दोनों नेताओं की लगभग हर मुलाकात इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी है। चाहे जी-7 सम्मेलन हो, कोई अंतरराष्ट्रीय बैठक या द्विपक्षीय वार्ता, "मेलोडी" का जिक्र हर बार सामने आया। वर्ष 2024 में भी मेलोनी ने इस शब्द का उपयोग किया था और जून 2025 में जी-7 सम्मेलन से जुड़ा एक सेल्फी वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा था, "मेलोडी टीम की ओर से नमस्कार।" इस पोस्ट को भी लोगों ने काफी पसंद किया था।पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी की रोम यात्रा के दौरान यह चलन फिर से चर्चा में आया था। प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को पार्ले की मेलोडी टॉफियों का एक पैकेट भेंट किया। इसे "मेलोडी" चलन से जोड़कर देखा गया और लोगों ने इस पर भी खूब प्रतिक्रिया दी। इस दौरान मेलोनी ने हंसते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए एक उपहार लाए हैं, बहुत अच्छी टॉफी।" दोनों नेताओं की हंसी और सहजता वाला यह वीडियो कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। बताया गया कि वीडियो ने छह घंटे के भीतर दस करोड़ से अधिक बार देखा जाने का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि इसे एक करोड़ तीस लाख से अधिक पसंद मिले।रोम यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक कोलोसियम का भी दौरा किया था। इससे पहले भी दोनों नेताओं की कई मुलाकातों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ साथ दोनों नेताओं की मित्रता को लेकर भी सामाजिक माध्यमों पर व्यापक चर्चा होती रही है।हालांकि जी-7 सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों, यूक्रेन संकट और अमेरिका ईरान समझौते जैसे मुद्दों पर चर्चा करना था, लेकिन सम्मेलन के इतर मोदी और मेलोनी के बीच हुआ यह छोटा-सा संवाद लोगों के बीच सबसे अधिक चर्चित रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से भी मुलाकात की, लेकिन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा "मेलोडी" को लेकर ही हुई।हम आपको बता दें कि भारत और इटली के संबंध केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और द्विपक्षीय व्यापार सोलह अरब सतहत्तर करोड़ डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। इसके अलावा भारत मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारे पर भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। इस परियोजना में रोम को यूरोप और हिंद प्रशांत क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण द्वार के रूप में देखा जा रहा है। बहरहाल, जी-7 सम्मेलन के दौरान हुआ यह हल्का फुल्का संवाद एक बार फिर यह दिखाता है कि आधुनिक दौर में कूटनीति केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि नेताओं की व्यक्तिगत सहजता और मित्रता भी वैश्विक स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    NEET UG Retest | Telegram पर केंद्र सरकार के 'अस्थायी बैन' के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची कंपनी, NTA ने फैसले का किया स्वागत
    Next Article
    नाविक बिना डर के...ट्रंप को सामने बिठाकर G7 के मंच से PM मोदी ने भारतीयों की मौत पर दिया दुनिया को क्लीयर मैसेज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment