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    नए पराक्रमी भारत के उदय का पठनीय विश्लेषण- मोहन भागवत

    9 hours ago

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज प्रतिष्ठित लेखक, विचारक और भारतीय सभ्यतात्मक मूल्यों की प्रखर आवाज तरुण विजय की बहुप्रतीक्षित पुस्तक “Saffron Surge: Making of a Brave, New Bharat” ( भगवा उत्कर्ष - एक नवीन साहसी भारत का उदय) का औपचारिक विमोचन किया। संघ मुख्यालय केशव कुंज, नई दिल्ली में आयोजित इस विमोचन समारोह में बौद्धिक जगत के शीर्ष व्यक्तित्व, कानून के विद्वान और राष्ट्र प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं। डॉ. भागवत के साथ मंच पर शामिल थे प्रसिद्ध सुप्रीम कोर्ट वकील महेश जेठमलानी और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं अर्थशास्त्री संजीव सान्याल। दिल्ली प्रांत संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल और हरानंद पब्लिशर्स के आशीष आनंद भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।सभ्यतामूलक पुनर्जागरण का एक उत्कृष्ट दस्तावेज़, “Saffron Surge” भारतीय मन और समाज के तेजी से उपनिवेशवाद-मुक्ति की एक गाथा प्रस्तुत करता है। उत्तराखंड से पूर्व सांसद , पांचजन्य के पूर्व संपादक तरुण विजय, जो अपनी प्रभावशाली, संक्षिप्त और सटीक अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं, ने कहा कि  संघ शताब्दी का वर्तमान काल वास्तविकता में मुग़ल काल के अंत का आरम्भ है- जब हिंदू आस्था और सभ्यता की पुनः प्रतिष्ठा होंरशी है तथा जिहादी मतांतरों वादी कुटिल षड्यंत्र विफल हो रहे हैंपुस्तक हिंदू समाज की उस महान यात्रा का वर्णन करती है जो औपनिवेशिक गुलामी की जंजीरों से मुक्त होकर आत्मविश्वासपूर्ण, उभरते हिंदू राष्ट्र के रूप में परम वैभव और वसुधैव कुटुम्बकम की ओर अग्रसर है।इसकी विस्तृत प्रस्तावना सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत द्वारा लिखी गई है। वे पुस्तक की सराहना करते हुए इसे “विश्लेषण और सुझावों सहित एक सचल भारत गाथा” कहा हैं और लिखा हैं कि यह हर उस व्यक्ति के लिए आवश्यक और उपयोगी पढ़ने की सामग्री है जो भारत को उसकी गौरव, आत्मसम्मान और विश्व गुरु के उचित स्थान दिलाने के लिए कार्य करता है।पुस्तक को और अधिक गंभीरता प्रदान करते हुए संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबले ने एक प्रेरणादायक प्राक्कथन लिखा है। उन्होंने तरुण विजय को “अदम्य राष्ट्रभक्ति की ज्वाला से प्रेरित” और “शक्तिशाली कलम” का धनी बताया है तथा पुस्तक को भारत के वैचारिक परिवर्तन का “रोमांचक समकालीन इतिहास” करार दिया है। पुस्तक को बेस्टसेलिंग लेखक अमीष त्रिपाठी और संघ विचारक रतन शारदा के जबरदस्त सराहनपूर्ण टिप्पणियाँ मिली हैं. ।विमोचन समारोह में बोलते हुए लेखक तरुण विजय ने कहा “वैश्विक हिंदू का उदय — सभ्यता मूलक  मानस के वापसी से लेकर विक्रम-1 की वैज्ञानिक प्रतिभा तक — ही भगवा  उत्कर्ष (Saffron Surge) है। यह सनातन धर्म की अजेय यात्रा है, जो सार्वभौमिक प्रेम, सद्भाव, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भिन्न विचारों की स्वीकार्यता पर आधारित है। स्वाभाविक रूप से, इस पुनरोदय ने हमारे राष्ट्र और सभ्यता के विरोधियों को हिला दिया है और उनकी साजिशों को धूल में मिला दिया है।'' के लिए एक दूरदर्शी घोषणा-पत्र है।
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