Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नोएडा में 6 साल के बच्चे की मौत के 5-जिम्मेदार:अथॉरिटी के सीईओ ने कभी जांच नहीं की; ठेकेदार मनमानी करता रहा

    12 hours ago

    1

    0

    ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 6 साल के आव्यान की मौत हो गई। आव्यान का परिवार नॉलेज पार्क-2 इलाके की पॉश सोसाइटी कलाधाम में रहता है। वह शनिवार शाम 6:30 बजे अपने घर के बाहर क्रिकेट खेल रहा था। खेलते-खेलते गड्ढे के पास पहुंच गया। आसपास कीचड़ होने की वजह से फिसलकर गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई। यह गड्‌ढा 15 फीट गहरा था। जिसे ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने बोरिंग के लिए खुदवाया था। बच्चे की मौत के बाद प्रशासन ने गड्ढे के चारों तरफ बैरिकेडिंग कराई। अथॉरिटी ने ठेकेदार मनोज जैन, संविदा कर्मी सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। आव्यान के पिता शिवान यादव केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं। वह पूछ रहे हैं इसका जिम्मेदार कौन है? मेरे बेटे का क्या कसूर था? क्यों किसी की लापरवाही की सजा मुझे और मेरे परिवार को मिली? किसी और की गलती की सजा मुझे और मेरे परिवार को मिली। ये किसकी गलती थी? जिसका खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ा। दैनिक भास्कर टीम ने ग्राउंड पर जाकर लोगों से बात की। बच्चे के परिवार से बात की। प्राधिकरण से जुड़े अफसरों और कर्मियों से बात कर मामले को समझा। शुरुआती जांच में 5 अफसरों की लापरवाही सामने आई है। ​​​पढ़िए रिपोर्ट… ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार हैं। इनका काम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में हो रहे सभी कार्यों का सुपरवीजन करना है। अधिकारियों को निर्देश देना है। प्रोजेक्ट्स को देखना है। लेकिन, कलाधाम सोसाइटी में नलकूप के लिए गड्ढा खोदे जाने की जानकारी नहीं की। उसकी प्रगति नहीं पूछी। लिहाजा सोसाइटी में खोदे जाने वाले गड्ढे का स्थान बदल दिया जाता है, उसकी 15 फीट तक खोदाई हो जाती है। जिसकी जानकारी इन्हें नहीं होती। लिहाजा बच्चे की जान चली जाती है। इसके बाद इनकी नींद टूटती है और जिम्मेदारी का अहसास होता है। सीईओ का कहना है कि मुझे गड्ढे के बारे में मेरे अधीनस्थों ने कोई जानकारी नहीं दी। हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह सामने आए। उन्होंने बताया कि इसकी प्राधिकरण की जिम्मेदारी नहीं थी, क्योंकि ये सोसाइटी का काम था। सोसाइटी के लोगों के कहने पर ही काम शुरू कराया गया। ये ट्यूबवेल यहां से भी 200 मीटर नाले की तरफ लगना था। काम स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार ने कहा था कि जहां गड्ढे होना है, वहां आठ पेड़ आ रहे हैं। उसको हटा दीजिए। हम लोगों ने भी सात दिन पहले पेड़ हटाने के लिए लेटर लिखा था। उस बीच हमारा स्टाफ आया, ठेकेदार के साथ क्या बात हुई? यहां के लोगों से क्या बात हुई, स्थान कैसे बदला। इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं थी। नोएडा में युवराज प्रकरण के बाद स्पष्ट निर्देश थे कि कोई भी काम करने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। इसके बाद लापरवाही बरती गई। यहां ऐसा नहीं किया गया। यहां न तो बैरिकेडिंग थी। कोई साइन बोर्ड भी नहीं था और न ही साइट पर लगने वाला बोर्ड था। इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा और सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी की थी। उन्हें मौके पर जाकर देखना था कि काम में मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। मगर कोई भी अफसर मौके पर नहीं गया। जांच में प्राधिकरण के सीईओ ने भी इसे माना। जिसके बाद सीईओ ने सभी वर्क सर्किल को निर्देश दिया है कि बैरिकेडिंग व सुरक्षा के सभी उपाय करने के बाद ही कार्य शुरू किए जाएं। इस घटना में अहम किरदार प्राधिकरण के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार का है। इन दोनों ने ही वरिष्ठ अधिकारियों को इस बोरवेल के लिए खोदे जा रहे गड्ढे के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी तक नहीं दी। साथ ही जिस स्थान पर नलकूप के लिए गड्ढा खोदा जाना था। उसका स्थान भी बदल दिया गया। इसकी जानकारी दोनों ने अपने अफसरों को नहीं दी। दोनों ने यह भी नहीं देखा कि यहां पर तय नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत काम हो रहा है या नहीं? सोसाइटी में जलापूर्ति सुधारने के लिए नलकूप बनना था। तीन दिन पहले काम शुरू किया गया। इसका ठेका मनोज जैन को मिला। प्रोजेक्ट की फाइल बनी और अफसरों के हस्ताक्षर के बाद काम शुरू हुआ। तीन दिन में दूसरे स्थान पर गड्ढा खोदा गया। ठेकेदार ने तय नियमों का पालन नहीं किया। सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर दिया। वरिष्ठ अधिकाारियों को हर दिन की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी। लिहाजा प्राधिकरण में किसी अधिकारी को मालूम ही नहीं था कि सोसाइटी में इतना गहरा गड्ढा खोदा गया है। अब तक मामले में लिया गया एक्शन बच्चे के पिता ने FIR में क्या सवाल पूछे, वो जानिए अब पूरा मामला पढ़िए- दोस्तों के साथ पार्क के पास खेलने गया था कलाधाम सोसाइटी में शिवान यादव, पत्नी और दो बेटों के साथ रहते थे। वह केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं। बड़ा बेटा 9 साल का है। अव्यान 6 साल का था। शाम को वह दोस्तों के साथ घर से 100 मीटर दूर ओपन एरिया में खेल रहा था। खेलते-खेलते बच्चा गड्ढे के पास पहुंच गया। आसपास कीचड़ होने की वजह से फिसलकर गड्ढे में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया। आसपास के लोग भागकर आए। जैसे-तैसे आव्यान को बाहर निकाला। अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ---------------------------- ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में बच्चे की गड्ढे में डूबकर मौत, पिता वाइस-प्रिंसिपल, मां रोते-रोते बेहोश, बोली- अब मुझे भी नहीं जीना ग्रेटर नोएडा में 6 साल के बच्चे आव्यान की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम वह घर के बाहर क्रिकेट खेल रहा था। खेलते-खेलते गड्ढे के पास पहुंच गया। आसपास कीचड़ होने की वजह से फिसलकर गड्ढे में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया। आसपास के लोग भागकर आए। जैसे-तैसे आव्यान को बाहर निकाला। अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:पेपर लीक के खिलाफ नया बिल आज; राहुल ने पूछा- पैलेट गन किसके आदेश पर चली; यूपी में टीचरों का 5 लाख तक मुफ्त इलाज
    Next Article
    BJP विधायकों पर सवार हुआ कुंभकरण:एक्सप्रेस-वे पर मंत्रीजी की बात टाली गई, जूते खाकर मनचला टीचर खो गया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment