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    नसीम सोलंकी बोलीं- मुझे और इरफान को जान का खतरा:मंडी संचालक गेट बंद करवाकर क्या करना चाहता था, इतना बड़ा गुंडा है?

    13 hours ago

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    'बकरा मंडी में बकरा ले जाने पर 500 और एंट्री के नाम पर 100 रुपए वसूले जा रहे थे। वहां कोई मेला नहीं था। हकीकत जानने मैं, पति इरफान और गनर के साथ गई थी। मैं कार में थी। पति और गनर के साथ 8-10 लोग मंडी में गए। वहां 150 लोगों को इकट्‌ठा करके वफा अब्बास ने माहौल खराब कर दिया। वो मंडी का गेट बंद कराकर क्या कराना चाहता था। क्या इतना बड़ा गुंडा है। वो मुझे और मेरे पति को मरवाना चाहता है।' ये बातें कानपुर के सीसामऊ से सपा विधायक नसीम सोलंकी ने कही। उन्होंने दैनिक भास्कर से बात करते हुए पति इरफान सोलंकी पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। दरअसल, बकरा मंडी के संचालक वफा अब्बास ने इरफान पर मारपीट, धमकी और गाली-गलौज का केस दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि इरफान ने मंडी लगाने के नाम पर 3 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। उनके गनर 2.70 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने विधायक के गनर अजीम अहमद को सस्पेंड कर दिया है। कमिश्नर ने कहा- गनर को विधायक की सुरक्षा में रहना चाहिए था, मंडी परिसर में जाकर उसने ड्यूटी में लापरवाही बरती। एक बकरा ले जाने पर वसूले जा रहे थे 500 रुपए सपा विधायक नसीम सोलंकी ने कहा- मैं भीड़ होने के कारण ग्राउंड के पास कुछ दूरी पर कार में बैठी रही, जबकि इरफान, बड़ा बेटा मुस्तफा, गनर अजीम अहमद समेत अन्य लोग मंडी में गए थे। कुछ देर बाद मेरे बेटे ने फोन कर बताया गया कि आप यहां मत आइएगा, यहां झगड़ा हो गया है। मैं मौके पर जाने के लिए तैयार हो गई। लेकिन, बेटे ने कहा कि आप मत आइएगा, यहां बहुत ज्यादा बवाल हो रहा है। कोई गाड़ी पर हमला न कर दे, इसलिए मैं वहां से निकल गई। मैने पूरे मामले की हकीकत जानी तो पता चला कि वहां मौजूद लोगों (वफा अब्बास) ने अराजकता का माहौल पैदा कर दिया था। उसने मेरे पति को पहचानने के बावजूद अभद्रता की। उसने इरफान सोलंकी का नाम लेते हुए कहा कि हट जाओ। उसके लहजे में इतनी बदतमीजी थी, कि ऐसा लगा कि जैसे सबको एक ही लकड़ी से हांक रहा हो। 150 लोगों को लाकर खराब किया माहौल नसीम सोलंकी के मुताबिक, इरफान ने उससे कहा कि आराम से बात कर लो, क्या बात हो गई? इसके बाद उसने हमारे गनर से भी बदतमीजी की। गनर के विरोध करने पर वफा अब्बास ने कहा कि तुम पुलिसवाले हो तो क्या तुमसे डर जाएंगे? इस पर दोनों के बीच बहस होने लगी। धक्का-मुक्की होने लगी। इरफान के साथ 8 से 10 लोग थे। उसने 100-150 लोगों को लेकर वहां का माहौल एकदम से खराब कर दिया, नारेबाजी और धक्का-मुक्की कर मंडी के सारे गेट बंद करवाने लगा। विधायक नसीम सोलंकी ने कहा कि आखिर वह गेट बंद कराकर क्या करना चाहता था, क्या वो इतना बड़ा गुंडा है। हलीम कॉलेज का मालिक है क्या। उसने (वफा अब्बास) ने अपने बयान में कहा है कि मैने बहुत सम्मानजनक तरीके से कहा कि विधायक जी हट जाइए, जो कि सरासर गलत है। मैं फोन पर सुन रही थी, वो पहचानने के बावजूद लगातार इरफान को गालियां दे रहा था। नसीम बोलीं- आरोप लगाने वालों को शर्म आनी चाहिए 3 लाख रंगदारी और लूट के आरोप पर नसीम ने कहा कि ऐसे आरोप लगाने वालों को शर्म आनी चाहिए, एक पुलिसवाला क्या पैसे छीनेगा। उनके खुद के इतने अच्छे इतिहास है, यह सबको पता है। वफा अब्बास की जान पर खतरे के सवाल पर विधायक नसीम सोलंकी ने तंज कसते हुए कहा कि उनको जान का खतरा है? मैंने तो यह सुना है कि उन पर कोई ऐसी धारा लगी है, जिससे हमारी जान को खतरा हो सकता है। उनका इतिहास बता रहा है कि उनसे मुझे और मेरे पति की जान को खतरा है। उन्होंने कहा- यह कोई मजाक का विषय नहीं है, उनको शर्म आनी चाहिए। एक तरफ वह चीख कर बता रहे है कि मैंने इरफान सोलंकी को चुनाव लड़वाया है, दूसरी ओर जान को खतरा बता रहे है। मैं उन्हें एक बात साफ करना चाहती हूं कि मेरी ओर से उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। मैं पुलिस कमिश्नर से भी मिलने गई थी। पूरे प्रकरण से उनको रुबरु कराया कि किस तरह से हलीम मैदान में अवैध वसूली के मामले की भी जानकारी दी है। अब पढ़िए इरफान सोलंकी पर FIR कराने वाले वफा अब्बास ने कहा बकरा मंडी संचालक वफा अब्बास ने कानपुर के चमनगंज थाने में दी तहरीर में कहा- इरफान सोलंकी के गनर ने उनको धक्का देकर थप्पड़ जड़ दिया। इस दौरान इरफान तमाशबीन बने खड़े रहे। अगर वो निष्पक्षता दिखाते हुए सबको अलग कर देते तो यह मुद्दा इतना बड़ा न बनता। वफा अब्बास ने बताया कि वह करीब 6 साल से हलीम कॉलेज मैदान में लगने वाले बकरा मंडी का संचालन करा रहे हैं। मंगलवार रात करीब 1 बजे का समय था, बकरीद को लेकर मंडी में ग्राहक और पशु कारोबारियों का जमावड़ा लगा हुआ था। इस दौरान सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी अपने गनर अजीम अहमद और कुछ अन्य लोगों के साथ पूरे लाव-लश्कर से आए। मंडी मैदान के मुख्य गेट पर इरफान सोलंकी अपने साथियों के साथ खड़े थे। हमने उनके गनर अजीम अहमद से कहा कि पूर्व विधायक को लेकर किनारे खड़े हों, मंडी में जानवर और गाड़ियां आ रही हैं, कहीं आप लोगों को चोट न लग जाए। इरफान सोलंकी ने एक बार भी गनर को नहीं रोका वफा अब्बास ने बताया कि इतना सुनते ही गनर लड़ने को अमादा हो गया, उसने मुझे धक्का देकर एक थप्पड़ जड़ दिया। मैंने और मेरे साथी फहद ने विरोध किया तो गनर एक के बाद एक कई थप्पड़ मुझे मारने लगा। गनर मेरा बैग छीनने लगा। छीना-झपटी में मेरे बैग से काफी पैसे गिरे या गनर ले गया, इसका मुझे कुछ पता नहीं लगा। इस पूरे मामले में इरफान सोलंकी ने एक लफ्ज भी नहीं बोला, गनर को रोका भी नहीं, जबकि हम लोग हर चुनाव में उनके साथ लगे रहते थे। विधायक पत्नी का गनर लेकर इरफान कैसे घूम रहे वफा अब्बास ने कहा- पुलिस जांच करे कि जब इरफान की पत्नी सपा विधायक नसीम सोलंकी को गनर दिया गया है, तो इरफान गनर लेकर कैसे घूम रहे हैं। गनर ने जो FIR दर्ज कराई है, उसमें बुधवार सुबह 12 बजे का समय दिया गया है, जबकि पूरी घटना मंगलवार रात की है। गनर अजीम प्रशासन को गुमराह कर रहा है। पुलिस कमिश्नर इस पूरे मामले की जांच कराएं। गनर पुलिस प्रशासन को बदनाम करने का काम कर रहा है। मेरा पूरा विवाद गनर से हुआ था। गनर के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन उसका नाम FIR में नहीं है, ऐसा क्यों किया गया? वफा अब्बास ने बताया कि उन्होंने रंगदारी, लूट की तहरीर दी थी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल रहा है। मारपीट की धाराओं में कैसे मुकदमा दर्ज हुआ, जबकि मेरा पर्स छीना गया, पैसे छीने गए। मेरे पास 100 गवाह हैं, जिसकी जांच की जाए। गनर ने पहले भी एक जगह और मारपीट की थी। मुझे अपराधी बताया जा रहा है, पता किया जाए कि किसने अपराध किया है, किसने लोगों के घर उजाड़े हैं? आखिरी में 10 पॉइंट में पूरा मामला जानें ------------------------ ये खबर भी पढ़ें मंत्री राजभर बोले- 95% यादव अपराधी:बाराबंकी में राजभर की गर्दन काटी, मऊ में बेटी को मार डाला 95 परसेंट अपराध करने वाले यादव समाज से आते हैं। बाराबंकी में राजभर की गर्दन काटी, मऊ में बेटी को मार डाला। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें आरोपी यादव जाति के थे। अपराधियों को संरक्षण देना और जाति देखकर राजनीति करना सपा का पुराना कल्चर है। यह बात आजमगढ़ में सुभासपा प्रमुख और पंचायती राजमंत्री ओपी राजभर ने गुरुवार को कही। वह शहर के सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर रहे थे। पढ़िए पूरी खबर
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