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    निशांत सिंधु बोले- गुजरात टाइटंस का माहौल परिवार जैसा:गिल से काफी सीखता हूं, धोनी से दबाव के समय शांत रहना सीखा

    1 hour ago

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    गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर निशांत सिंधु ने कहा कि टीम का माहौल बिल्कुल परिवार जैसा है, जहां हर खिलाड़ी एक-दूसरे का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि युवा कप्तान शुभमन गिल से वह मैच की तैयारी और अनुशासन को लेकर काफी कुछ सीखते हैं। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी से उन्होंने दबाव के समय शांत रहकर फैसले लेना सीखा। निशांत ने अपनी क्रिकेट यात्रा, अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत और परिवार के समर्थन को लेकर भी खुलकर बात की। सवाल: गुजरात टाइटंस जैसी टीम का हिस्सा बनने पर कैसा लगा, जिसने डेब्यू सीजन में ही खिताब जीता था? निशांत: ऐसी टीम का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा। यहां का माहौल परिवार जैसा है। मैंने पहले भी इस टीम के बारे में काफी अच्छी बातें सुनी थीं। सवाल: आप एक ऑलराउंडर हैं। वॉशिंगटन सुंदर से कितना सीखने को मिलता है? निशांत: उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। वह भी ऑलराउंडर हैं और मैं भी। हम मैच और बल्लेबाजी को लेकर काफी चर्चा करते हैं। सवाल: 2022 में आपने भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताया। उस जीत का अनुभव कैसा रहा? निशांत: हमने 2019 से ही साथ खेलना शुरू कर दिया था। चैलेंजर ट्रॉफी और एशिया कप भी साथ जीते थे। हमारी टीम की बॉन्डिंग काफी अच्छी थी। इसलिए वर्ल्ड कप में हमें एक-दूसरे को समझने में आसानी हुई। हमने पहले कई टीमों के खिलाफ खेला था, इसलिए उनके बारे में अच्छी जानकारी थी। सवाल: शुभमन गिल काफी युवा कप्तान हैं। उनकी लीडरशिप से क्या सीखते हैं? निशांत: इतनी कम उम्र में उन्होंने खुद को काफी मैच्योर किया है। वह भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। मैं उनके रूटीन और मैच से पहले की तैयारी को ध्यान से देखता हूं और उनसे काफी सीखता हूं। सवाल: आपके पिता शिक्षक और बॉक्सर रहे हैं। आपकी शुरुआती क्रिकेट यात्रा में उनका कितना योगदान रहा? निशांत: बचपन से ही उन्होंने हमारा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला। मेरे पिता खुद बॉक्सिंग करते थे और चाहते थे कि मैं खेलों में आगे बढ़ूं। बचपन से ही उन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। सवाल: आपने एमएस धोनी से सबसे बड़ी क्या सीख ली? दबाव को कैसे संभालते हैं? निशांत: मैंने उनसे मेहनत और अनुशासन सीखा। दबाव के समय शांत रहना और अपने खेल पर फोकस करना सबसे जरूरी होता है।
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