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    रूस में गोली लगने से रामपुर के युवक की मौत:रूस की सेना में भर्ती था; फोन पर रोते हुए कहा था बहुत बुरी जिंदगी है यहां, ताबूत में लौटा शव

    7 hours ago

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    रूस में रामपुर के युवक शावेद (22) की गोली लगने से मौत हो गई। शनिवार तड़के उसका शव दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा है, जिसके बाद परिजन उसे लेने रवाना हो गए। परिजनों के अनुसार, गुरुवार को ड्यूटी के दौरान शावेद को गोली लग गई। घटना इतनी अचानक हुई कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक का माहौल है। करीब 9 महीने पहले बेहतर कमाई के लिए रूस गया था। उसने परिवार को बताया था कि वह वहां स्टील फर्नीचर का काम करेगा। शुरुआती दो महीने तक उसने यही काम किया, लेकिन बाद में हालात ऐसे बने कि उसे रूस की सेना में शामिल होना पड़ा। अब उसका ताबूत में शव आया है। देखें 3 तस्वीरें… अब विस्तार से जानें पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर मसवासी गांव में शावेद रहता था। शावेद इंटर पास था और घर की जिम्मेदारी संभाल रहा था। अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसका छोटा भाई नावेद (20) मानसिक रूप से अस्वस्थ है। एक बहन है जो इंटर में पढ़ रही है। जबकि पिता दुल्हे हसन दूध का छोटा कारोबार कर किसी तरह घर चलाते हैं। परिवार को उम्मीद थी कि शावेद के विदेश जाने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। जानकारी के मुताबिक, शावेद का शव शनिवार सुबह करीब 3:20 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। गांव के लोग बताते हैं कि शावेद मेहनती और मिलनसार युवक था। वह अपने परिवार के लिए कुछ बेहतर करना चाहता था, इतनी कम उम्र में ही उसकी मौत हो गई। आखिरी कॉल में झलक रहा था दर्द, फिर टूट गया संपर्क शावेद के फुफेरे भाई साहबजादे ने बताया कि शावेद 15 जून 2025 को रूस गया था। 1 से 5 सितंबर के बीच उसकी परिवार से लगातार बात होती रही। 3 सितंबर को उसने एक फोटो भेजी, जिसमें वह आर्मी ड्रेस में दिख रहा था। 5 सितंबर को आखिरी बार बात हुई। परिवार का कहना है कि इस आखिरी बातचीत में उसकी आवाज में दर्द और रोने की झलक थी, जिससे लगा कि वह किसी परेशानी में है। इसके बाद उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया। 12 सितंबर को हो चुकी थी मौत परिजनों के मुताबिक, शावेद के साथ हल्द्वानी का तसलीम नाम का युवक भी रूस गया था, जो वापस लौट आया। लेकिन शावेद की कोई खबर नहीं मिली, जिससे शक और गहरा गया था। काफी समय तक कोई खबर न मिलने पर परिवार ने 6 जनवरी को सांसद के जरिए विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर मदद मांगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फिर 2 अप्रैल 2026 को अचानक एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को रूस की आर्मी का अधिकारी बताया और कहा कि शावेद की मौत 12 सितंबर 2025 को हो चुकी है। यह सुनते ही परिवार शोक में डूब गया। परिजन तुरंत दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… किस हॉस्पिटल में किसका ट्रांसप्लांट, सब सीक्रेट:ढाई करोड़ में अफ्रीकी महिला का ऑपरेशन कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का कनेक्शन सिर्फ यूपी ही नहीं, विदेश से भी जुड़ रहा है। विदेशों के मरीज भी यहां चोरी-छिपे किडनी ट्रांसप्लांट कराने आते थे। तस्करों ने दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में किडनी ट्रांसप्लांट का खेल करने के लिए हॉस्पिटल और डॉक्टरों का पैनल बना रखा है। डोनर और रिसीवर दोनों से डील फाइनल होने के बाद यह लोग देश के अलग-अलग ठिकानों पर अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करते थे। पढ़ें पूरी खबर
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