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    पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए पिछड़ा आयोग का गठन:वेटनरी छात्रों का भत्ता 8 हजार बढ़ा, योगी कैबिनेट में लखनऊ मेट्रो विस्तार समेत 12 फैसले

    7 hours ago

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    लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक हुई। इसमें नए मंत्री भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय भी शामिल हुए। कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो के विस्तार समेत 12 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इनमें सबसे अहम दो प्रस्ताव हैं। पहला- पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दी गई। आयोग पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करेगा। इसमें 5 सदस्य होंगे। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को अध्यक्ष बनाया जाएगा। आयोग का कार्यकाल 6 महीने होगा। इसके बाद आरक्षण तय हो सकेगा। यानी नवंबर 2026 तक आयोग की रिपोर्ट आ सकती है। इसके बाद आरक्षण तय होगा। इसलिए साफ है कि पंचायत चुनाव विधानसभा- 2027 के बाद ही हो सकेंगे। 4 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने सरकार को आयोग गठन का आदेश दिया था। दूसरा- पशु चिकित्सा (वेटनरी) में पढ़ने वाले छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार किया गया है। प्रदेश के 3 पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों (मथुरा, अयोध्या, मेरठ) में करीब 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें इसका फायदा होगा। पिछड़ा आयोग का गठन क्यों हो रहा पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट और सर्वे के आधार पर ही यह तय होगा कि आपके क्षेत्र की कौन-सी पंचायत सीट ओबीसी (महिला या पुरुष) के लिए आरक्षित होगी और कौन-सी सामान्य रहेगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- स्थानीय निकायों (जैसे ग्राम पंचायत, जिला पंचायत) में ओबीसी आरक्षण देने से पहले राज्यों को ‘ट्रिपल टेस्ट’ यानी तीन-स्तरीय जांच के बाद प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस आयोग का गठन इसी ट्रिपल टेस्ट को पूरा करने के लिए किया गया है। आयोग ओबीसी समाज के आंकड़े जुटाएगा। अगर सरकार बिना आयोग की रिपोर्ट के सीधे आरक्षण लागू कर देती, तो मामला कोर्ट में फंस सकता था और पंचायत चुनावों पर रोक लग सकती थी। आयोग के गठन से अब चुनाव कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से कराए जा सकेंगे। आयोग के 3 मुख्य काम होंगे- इसी महीने पूरा हो रहा पंचायत सदस्यों का कार्यकाल यूपी में पिछला पंचायत चुनाव 2021 में हुआ था। पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल 25-26 मई 2026 तक पूरा हो रहा है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले ही नए चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए थे। यानी यूपी में पंचायत चुनाव मई, 2026 से पहले या मई के महीने में ही होने तय थे। हालांकि, यूपी में चुनाव का ऐलान से पहले मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। हाईकोर्ट ने ओबीसी आयोग बनाकर नए सिरे से आरक्षण का आदेश दिया। यही वजह है कि इस बार एक साल देर से चुनाव होगा। इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर- ----------------------- ये खबर भी पढ़ें- प्रेमानंदजी की तबीयत बिगड़ी, पदयात्रा बंद की:अनिश्चितकाल तक एकांतिक दर्शन भी नहीं होंगे; शिष्यों ने भक्तों से कहा- कृपया वापस जाइए संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ गई है। इसके चलते उन्होंने रात्रि पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी है। इसके अलावा, महाराजजी के एकांतिक दर्शन भी नहीं होंगे। पढ़ें पूरी खबर
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