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    पीएनबी कर्मी को हेराफेरी में 3 साल की जेल:खातेदार के 25 हजार रुपए जमा न करने का मामला, 10 हजार जुर्माना

    3 hours ago

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    औरैया में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की अजीतमल क्षेत्र स्थित अल्ट्रा शाखा में हेराफेरी के एक मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट विकास गोस्वामी ने अल्ट्रा शाखा के कर्मी संचालक प्रतीक त्रिपाठी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता उमेश कुमार राजपूत ने बताया कि यह मामला ग्राम ततारपुर खुर्द, पोस्ट हैदरपुर निवासी अवनीश कुमार द्वारा दायर परिवाद से संबंधित है। अवनीश कुमार ने न्यायालय के आदेश पर प्रतीक त्रिपाठी के खिलाफ यह परिवाद दायर किया था। परिवादी अवनीश कुमार पंजाब नेशनल बैंक की अल्ट्रा शाखा, हैदरपुर के खाताधारक हैं, जिसका संचालन प्रतीक त्रिपाठी करते हैं। अवनीश ने आरोप लगाया कि 5 मार्च 2019 को दोपहर दो बजे वह 25 हजार रुपये जमा करने शाखा पहुंचे थे। प्रतीक त्रिपाठी ने जमा वाउचर और रुपये लेकर कहा कि सर्वर नहीं आ रहे हैं, वह अगले दिन रुपये जमा कर देंगे और रसीद दे देंगे। अगले दिन जब अवनीश रसीद लेने पहुंचे, तो प्रतीक ने उन्हें हस्ताक्षरयुक्त रसीद दी। हालांकि, 25 नवंबर 2019 को जब अवनीश कुमार ने पीएनबी की मुख्य शाखा मिश्रीपुर ऊंचा में अपनी पासबुक अपडेट कराई, तो पता चला कि 6 मार्च 2019 को जमा किए गए 25 हजार रुपये उनके खाते में नहीं पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने शाखा प्रबंधक से शिकायत की और न्यायालय में धारा 156(3) के तहत मामला दर्ज कराया, जिसे बाद में परिवाद के रूप में स्वीकार कर प्रतीक को तलब किया गया। इस परिवाद का विचारण विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट विकास गोस्वामी की अदालत में हुआ। बुधवार को सुनाए गए निर्णय में, अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद, एडीजे विकास गोस्वामी ने प्रतीक त्रिपाठी को हेराफेरी का दोषी पाया। न्यायालय ने उन्हें तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यह भी स्पष्ट किया गया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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