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    पाकिस्तानी यूट्यूबर के संपर्क में था जीशान:इस्लामिक स्पीकर बनकर VIDEO में कहता- बाबरी को याद करके दिल जलता है

    2 hours ago

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    खुद को Ex मुस्लिम लिखने वाले सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला अचानक नहीं हुआ। स्क्रिप्ट लखने वाले चेहरे अभी सामने नहीं आए हैं। जीशान और गुलफाम सिर्फ जरिया थे। जीशान और गुलफाम के बैंक अकाउंट की डिटेल से साफ हो गया है, उन्हें फंडिंग की गई थी। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच को जीशान का जो मोबाइल मिला है, इसमें इंस्टाग्राम अकाउंट में कई ऐसे VIDEO मिले हैं, जिसमें जीशान खुद को इस्लामिक स्पीकर बता रहा है। वो कहता है- दिल जलता है, आंखे नम होती है, जब मैं अयोध्या की बाबरी मस्जिद के बारे में सोचता हूं। वो हमारी शान थी, हमारी पहचान थी। उसके साथ जो हुआ, वो नाइंसाफी थी। हमारा जख्म आज तक नहीं भरा। इस केस की तह तक पहुंचने के लिए गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने जीशान और गुलफाम के बैंक अकाउंट देखे थे। सामने आया कि रेगुलर जीशान और गुलफाम को फंड मिल रहा था। सोर्स अकाउंट गाजियाबाद के लोनी और खोड़ा इलाके के हैं, ये रुपए जीशान को संगठन मजबूत करने के लिए दिए जा रहे थे। क्राइम ब्रांच को जीशान के मोबाइल में इंस्टाग्राम और टेलीग्राम अकाउंट पर 15 वीडियो मिले हैं। उसने इंस्टाग्राम पर इंस्पायर विद जीशान के नाम से अकाउंट बनाया था। वो VIDEO में लगातार भड़काने वाली बातें कह रहा था। इसके लिए वो अलग-अलग राज्यों में होने वाली घटनाओं को आधार बनाता था। जीशान पाकिस्तान के एक यूट्यूबर के भी संपर्क में था। ये यूट्यूबर कौन है, ये पुलिस ने सार्वजनिक नहीं किया है। यह अकाउंट उसने 26 सितंबर, 2025 को बनाया था और उसने आखिरी वीडियो 17 फरवरी, 2026 को अपलोड किया है। पढ़िए रिपोर्ट… जीशान सर्जिकल ब्लेड, गुलफाम मेज के पाया से हमलावर हुए यूट्यूबर सलीम वास्तिक खुद को ex मुस्लिम लिखते थे। इस्लाम में तीन तलाक और हलाला पर तीखी बातें कहते थे। उनके यूट्यूब चैनल पर 30 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं, 27 फरवरी की सुबह जीशान और गुलफाम ने लोनी इलाके में सलीम के घर में घुसकर उनका गला रेत दिया। घटनास्थल के पास लगे एक CCTV की फुटेज पुलिस को मिली है, इसमें जीशान सर्जिकल ब्लेड से सलीम पर ताबड़तोड़ हमला करता दिखाई दे रहा है। गुलफाम ने पास रखी एक मेज तोड़कर उसके पाया से हमला करता दिख रहा है। गुलफाम ने बुरी तरह से सलीम पर पाये से वार किए। लोगों ने घेरा, तब जीशान बोला- ये इस्लाम को गलत कहता है, इलाज कर दिया सलीम के चिल्लाने की आवाजें सुनकर आसपास के लोग दौड़ आए। शोर मचने पर दोनों बाइक पर बैठकर भागने लगे, तब लोगों ने उन्हें रोक लिया था। लोगों ने हमले का विरोध किया, तब जीशान और गुलफाम कहने लगे- तुम लोगों को शर्म आनी चाहिए। ये (सलीम) मुस्लिम होकर इस्लाम को अनाप-सनाप बोलता है, आप लोग चुपचाप देखते हो। आप लोगों ने कुछ नहीं किया, तो हमने इलाज कर दिया। इसके बाद दोनों बाइक पर बैठकर वहां से निकल गए। पुलिस को इसके बाद उनके बाइक पर भागते हुए का एक वीडियो मिला है। बाइक पर खून में सने दो लोगों को भागते हुए दिखने पर राहगीरों ने ये वीडियो बनाया था। इसको देखने पर लग रहा है कि बाइक की प्लेट पर नंबर मिटाने की कोशिश हुई है। उनके सफेद कुर्ता-पजामा पर खून लगा हुआ था। वीडियो में जीशान हथियार उठाने को कहता गाजियाबाद पुलिस की छानबीन में सामने आया कि जीशान और उसका भाई गुलफाम कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर से भी जुड़ा था। इसका प्रचार-प्रसार वह टेलीग्राम चैनल के जरिये करता था। ये ग्रुप 2003 में अमेरिका के ईराक में गतिविधियां बढ़ाने के बाद बना था। शिया समुदाय ईराक में अमेरिकन सेना के खिलाफ काम करता था, इसमें मिलिटेंट जुड़े हैं। पुलिस को जीशान के मोबाइल फोन से इस ग्रुप के बारे में जानकारी भी मिली है। इस ग्रुप में जीशान की क्या भूमिका थी? ये पुलिस जांच कर रही है। जीशान की हर करतूत में उसका भाई गुलफाम भी शामिल था। वो वीडियो में धार्मिक तकरीरों के जरिए हथियार उठाने की अपील करता नजर आ रहा है। खुद का पहनावा एक मौलवी का रखता था। ADCP क्राइम पीयूष कुमार सिंह कहते हैं- जीशान वीडियो पोस्ट करके नई उम्र के लड़कों को भड़का रहा था। दिसंबर, 1992 में अयोध्या के विवादित ढांचे को ढहाए जाने का बदला लेने की बात करता था। जो कुछ उसने किया, वो इसी दिशा में साजिश की तरह देखा जा रहा है। वुड इंटीरियर का काम करता था जीशान जीशान के मोबाइल की छानबीन से सामने आया कि वो शायर साबिर रजा अजहरी से खासा प्रभावित था, इनकी सबसे ज्यादा शायरी उसके अकाउंट पर अपलोड मिली है। जीशान पिछले करीब 2 साल से अपने बड़े भाई गुलफाम के साथ खोड़ा में रह रहा था और वह नोएडा में लकड़ी के इंटीरियर का काम करता था। बड़ा भाई गुलफाम का एनकाउंटर गाजियाबाद के EX मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का दूसरा आरोपी गुलफाम भी मंगलवार रात को एनकाउंटर में ढेर हो गया। एनकाउंटर इंदिरापुरम इलाके में हुआ। एडिशनल डीसीपी क्राइम पीयूष सिंह और स्वाट टीम ने गुलफाम को ढेर किया। गुलफाम मुख्य आरोपी जीशान का बड़ा भाई था। पिछले 48 घंटे में दोनों सगे भाइयों को पुलिस ने ढेर कर दिया। 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई एडिशनल DCP क्राइम पीयूष सिंह ने बताया- गुलफाम और उसके साथी के थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। उच्च अधिकारियों को तुरंत इसके बारे में बताया गया। इसके बाद उन्हें पकड़ने के लिए वसुंधरा बिजलीघर के सामने घेराबंदी की गई। रात में एक बाइक वहां आती दिखाई दी। बाइक पर दो युवक सवार थे। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन, बाइक रोकने की जगह उन्होंने दाईं ओर मोड़ दी। इसके बाद स्पीड तेज करके एलिवेटेड रोड के नीचे भागने लगे। इस पर स्वाट टीम ने उन दोनों का पीछा किया। उधर, मिट्टी के टीले की वजह से उनकी बाइक फिसल गई, जिससे दोनों बदमाश गिर गए। पुलिस को आते देख बदमाश फायरिंग करने लगे। गुलफाम और उसके साथी ने गोलियां चलाईं। इसमें से एक गोली हेड काॅन्स्टेबल पुष्पेन्द्र कुमार शुक्ला और संदीप कुमार को लग गई। अब पढ़िए जीशान के एनकाउंटर की कहानी… DCP पीयूष सिंह ने बताया- रविवार रात लोनी थाना प्रभारी नितिन चौधरी, देहात स्वाट टीम ने 2 संदिग्धों को बाइक पर आते हुए देखा। उन्हें रोकने का प्रयास किया दोनों पर पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग कर दी। दोनों तरफ से करीब 15 मिनट तक 25 से 30 राउंड फायरिंग चली। एसओ लोनी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लग गई। एक गोली बदमाश को भी लगी। वह घायल हो गया। उसने पुलिस को बताया- मैंने ही अपने साथी के साथ सलीम पर हमला किया था। निठौरा अंडर पास के पास हुई घटना के बाद पुलिस घायल को 50 सैय्या अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से .32 बोर की मेड इन इटली की पिस्टल, 6 कारतूस, 8 खोखे और स्पलेंडर बाइक बरामद की है। पुलिस जीशान का सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही है। इंस्टाग्राम पर उसके कई वीडियो मिले हैं। वीडियो में एक व्यक्ति का संदेश भी मिला है। इसमें वो बोल रहा है कि एक दिन सूरज की रोशनी नहीं होगी। तारे टूट जाएंगे। पढ़ के देख लो कुरान। अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। इससे पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। उस्मान ने बताया- चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी। यूट्यबर के बारे में भी जान लीजिए… सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। अब जीशान के बारे में जानिए- ……….. ये खबर भी पढ़ें - कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्‌टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…
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