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    परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज चित्रकूट पहुंचे:यथार्थ गीता के प्रणेता का दो दिवसीय प्रवास शुरू, विदेशों में दे रहे गीता का संदेश

    2 hours ago

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    यथार्थ गीता के प्रणेता परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज मंगलवार को दो दिवसीय प्रवास पर चित्रकूट पहुंचे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। स्वामी जी 5 मई को आरोग्यधाम परिसर पहुंचे, जहां दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन और अन्य कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया और आशीर्वाद लिया। आरोग्यधाम से स्वामी अड़गड़ानंद महाराज सीधे श्री परमहंस आश्रम अनुसुइया के लिए रवाना होंगे। वे यहां आयोजित होने वाले दो दिवसीय भंडारे में शामिल होंगे। आश्रम परिसर में इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन और आयोजकों ने कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वामी अड़गड़ानंद महाराज देश के प्रसिद्ध संतों में से एक हैं। उन्हें 'यथार्थ गीता' के रचयिता के रूप में विशेष पहचान मिली है। यह कृति श्रीमद्भगवद्गीता का एक सरल और व्यावहारिक भाष्य मानी जाती है, जो आमजन को सहज भाषा में आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करती है। स्वामी जी का मत है कि गीता का संदेश केवल अर्जुन तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए है, जो जीवन के दुखों से मुक्ति और आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। गीता के संदेश का प्रसार कर रहे स्वामी जी का जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले के ओसियां गांव में हुआ था। युवावस्था में ही उन्होंने सत्य की खोज में घर त्याग दिया। वर्ष 1955 में वे चित्रकूट पहुंचे और अपने गुरु परमहंस स्वामी परमानंद जी महाराज की शरण ली। लगभग 15 वर्षों की कठिन साधना के उपरांत उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। वर्तमान में उनका प्रमुख आश्रम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के सक्तेशगढ़ में स्थित है। यहीं से वे देश-विदेश में गीता के संदेश का प्रसार कर रहे हैं। उनके उपदेश मुख्य रूप से कर्मयोग, आत्म-साक्षात्कार और गुरु भक्ति पर केंद्रित हैं। इस अवसर पर डॉ. अनिल जायसवाल, सुनील जायसवाल, इंजीनियर राजेश त्रिपाठी, अनिल कुमार सिंह, इंद्र कुमार पांडेय, मयंक यादव, राजू बाबा, बनारसीलाल पांडेय, अजय पांडेय, वरुण देव सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक ए.के. सिंह और अन्य लोगों ने भी स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
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