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    परमाणु पर कोई पीछे हटना नहीं, किम जोंग ने खीची आखिरी लकीर!

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    उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर अत्यंत सख्त और अिग रुख अपनाते हुए एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। किम जोंग उनके देश ने कहा है कि परमाणु निरस्त्रीकरण को अपरिवर्तनीय रूप से अंतिम रूप दिया गया है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका तथा उसके सहयोगी राष्ट्रों द्वारा लगातार की जा रही परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से जारी आधिकारिक बयान में उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि दूसरे पक्ष द्वारा उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों को निरस्त करने की मांग पूरी तरह से तर्कहीन चर्चा और काल्पनिक दिवस स्वप्न के अलावा और कुछ भी नहीं है। कारवाई से उत्तर कोरिया की परमाणु सशस्त्र राष्ट्र के रूप में स्थापित स्थिति में कोई भी बदलाव नहीं लाया जा सकता।इसे भी पढ़ें: जिनपिंग को देखते ही उछल पड़े किम जोंग, प्योंगयांग में वार्ता प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिका और उसकी सहयोगी सेनाओं द्वारा उत्तर कोरिया के खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी, निरंतर परमाणु खतरा पैदा करने के प्रयास और आक्रामक नीतियां हमारे देश की परमाणु हथियार संपन्न स्थिति को कभी भी प्रभावित नहीं कर सकती। परमाणु निरस्त्रीकरण को अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त और अंतिम रूप दिया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो उत्तर कोरिया ने साफ कर दिया है कि उनका देश अब परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर ना बातचीत करेगा और अगर बातचीत कर भी लेता है तो देश में व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि परमाणु निरस्त्रीकरण कभी हो ही नहीं सकता। बयान में हाल ही में हुई दक्षिण कोरिया, अमेरिका और अमेरिका, जापान के उच्च स्तरीय वार्ताओं की कड़ी निंदा की गई। इन वार्ताओं में पियंगयांग के परमाणु कार्यक्रम को पूर्ण रूप से समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया था। उत्तर कोरिया के प्रवक्ता ने अमेरिका जापान के बीच हुई। एक्सटेंडेड डेटरेंसन संबंधी वार्ता की भी आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन और टोक्यो द्वारा उत्तर कोरिया की पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता दोहराना व्यर्थ है। प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया कितनी भी बैठकें कर लें, कितनी भी बहस कर लें या संयुक्त बयान जारी कर लें वे डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया की परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में मौजूदा अपरिवर्तनीय स्थिति को कभी नहीं बदल पाएंगे। बता दें कि यह कड़ा बयान गुरुवार को दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच हुई द्विपक्षीय परमाणु परामर्श समूह की बैठक के ठीक बाद जारी किया गया। इसे भी पढ़ें: South Korea: पूर्व राष्ट्रपति Yoon Suk Yeol को 30 साल जेल, Martial Law के लिए रची थी Drone की साजिशइस बैठक में दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के पूर्ण सत्यापित और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण के साझा लक्ष्य को एक बार फिर से दोहराया था। इसी बीच उत्तर कोरिया और चीन ने दोनों देशों के बीच मैत्री सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि के 65 वर्ष पूरे होने के अवसर पर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत तथा गहरा करने की दृढ़ प्रतिबद्धता जताई है। चीन डेली की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी दो दिवसीय उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान पियंगयांग के साथ आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचागत विकास, सैन्य सहयोग और राजनीतिक समन्वय को बढ़ाने पर जोर दिया। शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के साथ हुई महत्वपूर्ण मुलाकात में दोनों देशों के बीच नए युग के संबंध स्थापित करने की बात कही। 
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