Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    परिसीमन के खेल को विपक्ष में रोका:संभल सपा सांसद बोले- संसद में पास हो चुका है, विधानसभा के पास अधिकार नहीं तो सत्र क्यों बुलाया?

    12 hours ago

    2

    0

    संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की मंशा और महिला आरक्षण के मुद्दे पर उसकी कार्यशैली पर आपत्ति जताई। बर्क ने पूछा कि जब महिला आरक्षण कानून पहले ही संसद में पारित हो चुका है, तो इस सत्र की आवश्यकता क्यों पड़ी। शुक्रवार को संभल के थाना नखासा क्षेत्र स्थित अपने आवास पर सपा सांसद बर्क ने कहा कि उनकी समझ से परे है कि महिला आरक्षण जैसे विषय पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का औचित्य क्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह का अधिकार संसद के पास होता है, न कि राज्य विधानसभा के पास। बर्क ने कहा कि जब 2023 में संसद महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे चुकी है, तो फिर इस तरह के सत्र से क्या हासिल किया जाएगा। सांसद बर्क ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विधेयक पारित होने के बावजूद उसे लागू करने में विफल रही है। उनके अनुसार, अब उसी मुद्दे को दोबारा उठाकर जनता, खासकर महिलाओं को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति का हिस्सा बताया। घायल महिला से मिलने पहुंचे थे अखिलेश बर्क ने विपक्ष का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष शुरू से समर्थन में रहा है और संसद में बिल पास कराने में उसकी अहम भूमिका रही है। हालांकि, उन्होंने परिसीमन के नाम पर की जा रही नई राजनीति पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुद्दा महिलाओं को अधिकार देने का है, न कि उसे राजनीतिक हथियार बनाने का। भाजपा द्वारा समाजवादी पार्टी पर लगाए जाने वाले आरोपों पर पलटवार करते हुए बर्क ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने से पहले सत्ताधारी दल को अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं पर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के रुख को उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के सम्मान को व्यवहार में भी दिखाती है। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि विरोध के दौरान घायल हुई महिला विधायक से मिलने खुद अखिलेश यादव अस्पताल पहुंचे थे जो इस बात का संकेत है कि उनकी राजनीति सिर्फ बयान तक सीमित नहीं है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    हाथरस में रोडवेज बस ने बाइक को रौंदा:पति की मौत, पत्नी गंभीर घायल, गंगा स्नान के लिए जा रहे थे दंपती
    Next Article
    बुलंदशहर में वन विभाग की आपत्ति से रुका सड़क चौड़ीकरण:10 करोड़ का काम अटका, भूड़ चौराहे से तहसील तक सड़क चौड़ीकरण पर ब्रेक

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment