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    पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने किसानों के लिए किया प्रदर्शन:पीलीभीत में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन, मुकदमा वापस लेने की मांग

    9 hours ago

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    पीलीभीत में बुधवार को पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और कथित राजनीतिक उत्पीड़न के विरोध में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें किसान ललित वर्मा पर दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और अन्य मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में ग्राम अण्डरायन निवासी किसान ललित वर्मा पर दर्ज मुकदमे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने आरोप लगाया कि जिला पूर्ति विभाग ने राजनीतिक दबाव में ललित वर्मा के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7) के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। वर्मा ने कहा कि सिंचाई और जुताई के लिए रखे गए डीजल को आधार बनाकर किसान का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने इस मुकदमे को तत्काल निरस्त कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी छह प्रमुख मांगें भी रखीं, जिनमें खाद की उपलब्धता, गन्ना भुगतान और गेहूं से संबंधित मुद्दे शामिल थे। किसानों ने ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए खाद की किल्लत दूर करने की मांग की। इसके साथ ही, जनपद की शुगर मिलों पर बकाया ₹253 करोड़ का गन्ना भुगतान अविलंब कराने की अपील की गई। उन्होंने मौसम की मार से कम हुई गेहूं की पैदावार का मुआवजा देने और क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था व बिचौलियों पर लगाम लगाने की भी मांग की। अन्य मांगों में वर्ष 2024-25 में घोषित 5 लाख रुपये तक की KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) छूट को तत्काल लागू करना शामिल था। किसानों ने बेतहाशा बिजली बिल और बिजली कटौती का कारण बन रहे 'स्मार्ट मीटर' को तत्काल वापस लेने की भी मांग की। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने सरकार से किसानों की खाद की कमी और आर्थिक तंगी के प्रति संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया।
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