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    पूर्व मंत्री कुंवर बादशाह सिंह ने राजनीति से लिया संन्यास:कहा- बुंदेलखंड राज्य के निर्माण के लिए करूंगा संघर्ष, गरीबों की आवाज उठाएंगे

    1 hour ago

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    उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री कुंवर बादशाह सिंह ने चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर उन्होंने महोबा के मदन सागर तट पर एक महापंचायत का आयोजन किया। उन्होंने पृथक बुंदेलखंड राज्य के निर्माण और गरीबों के हक की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। बुंदेलखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे कुंवर बादशाह सिंह ने अपनी सक्रिय राजनीतिक पारी को विराम देते हुए एक नई सामाजिक क्रांति का आह्वान किया है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर महोबा के ऐतिहासिक मदन सागर तटबंध पर यह एक दिवसीय महापंचायत आयोजित की गई। यह वही स्थान है जहाँ पूर्व में उन्होंने जनता के साथ श्रमदान किया था। इस महापंचायत की एक महत्वपूर्ण विशेषता महिलाओं के सबसे बड़े संगठन गुलाबी गैंग का समर्थन रहा। गुलाबी गैंग की बुंदेलखंड कमांडर फरीदा बेगम के नेतृत्व में महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया और पूर्व मंत्री को जनसेवा के लिए अपना पूर्ण समर्थन दिया। अपने संबोधन में कुंवर बादशाह सिंह ने अपने संन्यास की परिभाषा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका संन्यास चुनावी राजनीति, रैलियों और दलबदल की राजनीति से है, न कि जनसेवा से। उन्होंने घोषणा की कि वे अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि बुंदेलखंड के पिछड़ेपन को दूर करने और इसे अलग राज्य बनाने की मांग के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे। पूर्व मंत्री ने सत्ता और कुर्सी की राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि 40 साल की राजनीति के बाद वे अब रचनात्मक और सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से क्षेत्र का भला करना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली ताकत कुर्सी में नहीं, बल्कि सत्य और सिद्धांतों में होती है। कुर्सी पर बैठने में नहीं, बल्कि किसी रोते हुए व्यक्ति के आंसू पोंछने में है। ​अब हर साल 1 मई को इसी मदन सागर के तट पर यह पंचायत जुटेगी, जहाँ राजनीति की नहीं बल्कि हक, अधिकार और बुंदेलखंड के विकास की बात होगी। कुंवर बादशाह सिंह का यह नया अवतार बुंदेलखंड की आगामी सामाजिक दिशा को तय करने वाला साबित हो सकता है।
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