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    प्रयागराज में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा:तेजी से बढ़ रहा है गंगा- यमुना का जलस्तर, कई गांव में पहुंचने लगा पानी

    3 hours ago

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    गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार तेज बढ़ोतरी से प्रयागराज में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रविवार को महज आठ घंटे के भीतर दोनों नदियों के जलस्तर में 26 से 40 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं पिछले 24 घंटे के आंकड़ों में अलग-अलग स्थानों पर जलस्तर करीब एक मीटर तक बढ़ चुका है। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार शाम चार बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच नैनी घाट पर यमुना का जलस्तर 31 सेंटीमीटर, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 40 सेंटीमीटर और छतनाग में 40 सेंटीमीटर बढ़ा। वहीं एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर में 26 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 24 घंटे में करीब एक मीटर बढ़ा पानी इससे पहले रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में नैनी में यमुना का जलस्तर 85 सेंटीमीटर, फाफामऊ में गंगा का 87 सेंटीमीटर, छतनाग में 89 सेंटीमीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर 88 सेंटीमीटर बढ़ चुका था। शाम चार बजे तक सुबह के आंकड़ों में क्रमश: 31, 40, 40 और 26 सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी हो गई। इस तरह 24 घंटे के भीतर नदी के जलस्तर में अलग-अलग स्थानों पर करीब एक मीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खतरे के निशान से अभी नीचे, लेकिन रफ्तार ने बढ़ाई चिंता रविवार शाम चार बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 81.84 मीटर, फाफामऊ में गंगा का 81.96 मीटर और छतनाग में 81.45 मीटर दर्ज किया गया। वहीं एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 82.00 मीटर रहा। फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और प्रशासन के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं। हालांकि जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में स्थिति गंभीर होने की आशंका को देखते हुए संगम और नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। रिवर फ्रंट रोड डूबी, गांवों का संपर्क प्रभावित नदियों का पानी बढ़ने का असर अब शहर और ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है। गंगा किनारे की रिवर फ्रंट रोड पानी में डूब गई है। नालों के रास्ते अब कई इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। वहीं गांव-देहात में भी कई गांवों में धीरे-धीरे बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। झूंसी के सोनौटी बदरा गांव में मुख्य मार्ग पूरी तरह प्रभावित होकर बंद हो गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गांव के आने-जाने का रास्ता भी कट गया है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की निगरानी बढ़ी फिलहाल प्रशासन की ओर से तटबंधों को सुरक्षित बताया गया है, लेकिन नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही तेज वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी चिंता बढ़ने लगी है। खतरे के निशान से अभी नदी का पानी नीचे है, लेकिन बढ़ोतरी की यही रफ्तार बनी रही तो प्रयागराज के निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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