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    प्रयागराज नारायण स्वरूप संस्थान में अग्नि सुरक्षा का डेमो:छात्रों ने सीखे आग से बचाव के गुर, जागरूकता पर जोर

    21 hours ago

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    प्रयागराज में नारायण स्वरूप इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज तथा नारायण स्वरूप हॉस्पिटल ने राष्ट्रीय अग्नि दिवस पर एक दिवसीय सेमिनार, वर्कशॉप और मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की जानकारी देना था। इस कार्यक्रम में संस्थान की प्रिंसिपल, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ, मरीज और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। डॉ. राजीव सिंह ने आग लगने के प्रमुख कारणों—ईंधन, गर्मी और ऑक्सीजन (फायर ट्रायंगल)—की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें से किसी एक तत्व को हटाकर आग पर काबू पाया जा सकता है। डॉ. सिंह ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट, इमरजेंसी एग्जिट और अलार्म सिस्टम की अनिवार्यता पर विशेष जोर दिया। डॉ. सोनिया सिंह ने बर्न मैनेजमेंट और प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने फ्लेम बर्न, स्काल्ड बर्न, थर्मल बर्न और इलेक्ट्रिकल बर्न जैसी विभिन्न प्रकार की आग से जलने की स्थिति में अपनाई जाने वाली उपचार विधियों को समझाया। मॉक ड्रिल के दौरान प्रतिभागियों ने आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। यह अभ्यास आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल सिखाने पर केंद्रित था। अनूप सिंह ने लकड़ी में आग लगाकर स्प्रिंकलर सिस्टम से उसे नियंत्रित करने का लाइव डेमो दिया। प्रेमशिला सिंह ने फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग के साथ PASS और RACE तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। बब्लू यादव ने होजरील और फायर स्टेशन प्रणाली की जानकारी दी, जबकि धर्मेंद्र सिंह ने फायर हाइड्रेंट के माध्यम से आग बुझाने का प्रदर्शन किया। इस दौरान स्मोक डिटेक्टर और अलार्म सिस्टम को सक्रिय कर आपातकालीन स्थिति का वास्तविक अनुभव भी कराया गया। कार्यक्रम में संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. सीमा कुमारी सहित सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी रही। वक्ताओं ने जोर दिया कि अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता, नियमित प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों का सही उपयोग बेहद जरूरी है। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को लगातार जारी रखने पर बल दिया गया।
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