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    ​पेंशन की आस और मानदेय का दर्द:कानपुर में जुटे 1100 शिक्षकों ने भरी हुंकार, कहा-सरकार इसका संज्ञान ले

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अधिवेशन में शिक्षकों की समस्याओं और जायज मांगों को लेकर हुंकार भरी गई। कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के सभागार में जुटे करीब 1100 शिक्षकों ने एक सुर में कहा कि उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए ताकि वे पूरी ऊर्जा पठन-पाठन पर केंद्रित कर सकें। इस दौरान पुरानी पेंशन की बहाली और वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। कर्तव्य बोध और राष्ट्र निर्माण का संकल्प अधिवेशन में पहुंचे वरिष्ठ प्रचारक श्री रामाशीष जी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने प्राचीन काल से अब तक शिक्षकों के योगदान को सर्वोत्तम बताते हुए कहा कि संगठन स्वयं इतना सजग है कि वह अपनी मांगों को सक्षम स्तर तक पहुंचा सकता है। सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने शिक्षकों को गुरु की महिमा बताते हुए आश्वस्त किया कि उनकी जायज समस्याओं के समाधान के लिए वे शासन स्तर तक प्रभावी पैरवी करेंगे। इन मांगों पर हुई विस्तार से चर्चा कार्यक्रम के संयोजक डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी ने शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर सदन में खुली चर्चा की। उन्होंने मांग उठाई कि शिक्षकों को जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त रखा जाए और सभी शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। साथ ही, वित्तविहीन शिक्षकों के लिए एक निश्चित नियमावली और मानदेय तय करने की जरूरत पर बल दिया गया। चर्चा के दौरान सीबीएससी एवं आईएससी विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस मेडिकल योजना से जोड़ने और धारा 12, 18 एवं 21 को फिर से बहाल करने जैसी मांगों को भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। रिटायर्ड शिक्षकों का सम्मान और पुरस्कार वितरण यह अधिवेशन उन हाथों को सम्मान देने का भी मंच बना जिन्होंने शिक्षा की अलख जगाई। कानपुर मंडल के विभिन्न जिलों से इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए 150 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही, हमीरपुर के चित्रगुप्त इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सत्य नारायण परिहार को 'यश शेष श्रीकांत द्विवेदी शिक्षक रत्न पुरस्कार' से नवाजा गया। संगठन के 74 प्रमुख कार्यकर्ताओं पर भी पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। हजारों शिक्षकों ने भरी हुंकार सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में कानपुर नगर के जिला महामंत्री राहुल कुमार मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन में डॉ. दिलीप सरदेसाई, रमाशंकर तिवारी और डॉ. गीता सिंह समेत करीब 1100 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षक अब अपने हक की लड़ाई को और अधिक संगठित होकर लड़ेंगे।
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