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    पत्नी के कातिलों को मारकर 42 साल जेल काटी:छूटे तो घर-जमीन पर हुआ कब्जा, पूर्व फौजी अब इंसाफ को दर-दर भटके रहे

    1 day ago

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    सरहद पर देश की रक्षा करने वाले एक पूर्व फौजी की दर्दनाक दास्तान सामने आई है। पत्नी के बलात्कारियों को मौत के घाट उतारने के आरोप में 42 साल जेल काटने वाले 86 साल के बुजुर्ग ओमकार सिंह यादव आज अपनी ही छत और खेत वापस पाने के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को लाठी के सहारे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पूर्व फौजी ने गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें न 50 साल पहले इंसाफ मिला था और न आज मिल रहा है। सरहद पर थे, पीछे से पत्नी की हत्या बरेली के भमौरा थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिकुनिया निवासी ओमकार सिंह 1968 में सेना में तैनात थे। उसी दौरान गांव के दबंगों ने उनकी पत्नी के साथ बलात्कार कर हत्या कर दी। तत्कालीन समय में थाने और अफसरों के चक्कर काटने के बाद भी जब पुलिस ने राजनीतिक दबाव में रिपोर्ट दर्ज नहीं की, तो फौजी ने कानून हाथ में लेकर आरोपियों को मार डाला। इस मामले में उन्हें आजीवन कारावास हुआ और वे 5 मार्च 1970 को जेल चले गए। जेल से छूटे तो छिन चुका था आशियाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 28 अप्रैल 2024 को आगरा सेंट्रल जेल से 42 साल की सजा काटकर जब वे गांव लौटे, तो देखा कि उनके मकान और पुश्तैनी खेत पर दबंगों का कब्जा हो चुका है। परिवार में अब कोई नहीं बचा है। बुजुर्ग फौजी का आरोप है कि सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव के संरक्षण में उनके रिश्तेदारों ने उनकी जमीन और मकान संख्या 33 पर अवैध कब्जा जमा लिया है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। वहीं वीरपाल सिंह यादव का कहना है कि हमारा फौजी से कोई मतलब नहीं है। उसके भाई ने हमारे भाई को अपना मकान बेचा था। जिसकी जांच भी हो चुकी है। फौजी कई बार शिकायत कर चुका है। फौजी ने कई हत्याएं की थी वो उसकी सजा भी काट चुका है। डीएम ने बैठाई 6 सदस्यीय टीम तहसील स्तर पर सुनवाई न होने के बाद पीड़ित फौजी ने डीएम अविनाश सिंह से न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने एडीएम (ई) पूर्णिमा सिंह, एसपी साउथ अंशिका वर्मा, एसडीएम आंवला सुशील मिश्रा, सीओ, एसडीएम न्यायिक और तहसीलदार आंवला की 6 सदस्यीय संयुक्त जांच कमेटी गठित की है। जिलाधिकारी ने पूरी टीम को मौके पर जाकर जांच करने और 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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