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    पेड़-पौधों में कला, खेल में गणित और बॉटनिकल–गार्डन में साइंस:आज सम्मानित होंगे यूपी की शिक्षा की तस्वीर बदलने वाले 84 गुरु

    6 hours ago

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    शिक्षक दिवस पर आज प्रदेश के 84 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनकी नवाचारी कार्यशैली और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूपी के 3 शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' प्रदान करेंगी। वहीं, गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 81 शिक्षकों को राज्य एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से नवाजेंगे। सम्मान पाने वाले इन शिक्षकों में कोई प्रकृति को ब्लैकबोर्ड बनाकर कला सिखाता है, कोई गणित के मुश्किल सूत्रों को खेल में बदल देता है, तो कोई 63 साल की उम्र में YouTube और बॉटनिकल गार्डन से साइंस को आसान बना रहा है। यह उन गुरुओं के सम्मान का दिन है जिन्होंने शिक्षा को डर नहीं, बल्कि सीखने का आनंद बनाया। पुरस्कार में किसे क्या मिलेगा अब पढ़िए राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाले तीनों शिक्षकों की खूबी– कौशांबी की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा खेल के जरिए पढ़ाती हैं कौशांबी के कम्पोजिट विद्यालय रसूलाबाद कोइलहा में कार्यरत शालिनी कुशवाहा को आज राष्ट्रपति के हाथों 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026' मिलेगा। 18 अप्रैल 2018 से स्कूल में तैनात शालिनी वर्तमान में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अंग्रेजी से एमए करने वाली शालिनी की कक्षा का नियम अलग है। वह कठिन पाठ्यक्रम या गणित के सवालों को कभी 'मुश्किल' नहीं कहतीं, बल्कि "आओ, आज नया खेल खेलते हैं" कहकर पढ़ाना शुरू करती हैं। भाषा, गणित और FLN (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान) पर केंद्रित उनके इस तरीके ने लगभग 333 बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर कर उनमें आत्मविश्वास जगाया है। शालिनी की मां भी शिक्षिका थीं, उन्हीं की प्रेरणा से वो टीचर बनीं। स्कूल के 6 घंटों के अलावा वह रोज घर पर 2 घंटे नई टीचिंग ट्रिक्स तैयार करती हैं। उनका मानना है कि बच्चे उपदेश से नहीं, उदाहरण से सीखते हैं। कहती हैं कि–बच्चों में जैसा बीज बोएंगे, वैसा ही पौधा तैयार होगा। शिक्षक का काम पढ़ाई का डर नहीं, सीखने का आनंद देना है।" बलिया के डॉ. इफ्तेखार की अनोखी क्लास: पेड़-पौधों को बनाया ब्लैकबोर्ड बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां भी आज राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक–2026 सम्मान ग्रहण करेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर प्रदेश भर से चुने गए 12 शिक्षकों का साक्षात्कार हुआ था, जिनमें से केवल तीन का चयन किया गया। इसके बाद कठिन राष्ट्रीय स्तर के इंटरव्यू प्रक्रिया को पार करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। डॉ. खां के पढ़ाने का तरीका अनूठा है। वह बच्चों को केवल किताबों या कॉपियों तक सीमित रखने के बजाय प्रकृति से जोड़कर पढ़ाते हैं। विद्यालय परिसर के पेड़-पौधों और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को ही वह शिक्षा का माध्यम बनाते हैं। उनकी कार्यशैली 'लर्निंग बाय डूइंग' पर आधारित है। वे पहले किसी भी गतिविधि को खुद करके दिखाते हैं, फिर बच्चों से करवाते हैं। उनकी इस मेहनत का नतीजा है कि उनके कई पढ़ाए छात्र आज IIT, NIT, BHU, जामिया और DU जैसे देश के शीर्ष संस्थानों में पहुंचे हैं और प्रोफेसर व डिजाइनर जैसे पदों पर सफल हैं। पुराने छात्र जब स्कूल आकर नए बच्चों से अनुभव साझा करते हैं, तो इससे उनका मनोबल भी बढ़ता है। शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी को स्कूल तक सीमित न रखते हुए डॉ. खां पिछले 26 वर्षों से हर रविवार अपने आवास पर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सफलता ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। बॉटनिकल गार्डन और PPT से विज्ञान की पढ़ाई बनाई आसान गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की 63 वर्षीय विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी को भी आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित होंगी। वर्ष 1987 से अपने करियर की शुरुआत करने वाली और करीब 26 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी डॉ. रेनू त्रिपाठी ने 2006 में इस कॉलेज में कार्यभार संभाला था। उन्होंने विज्ञान जैसे कठिन विषय को सरल व प्रयोगात्मक बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड, PPT, टीचिंग-लर्निंग मटीरियल और स्कूल के बॉटनिकल गार्डन का इस्तेमाल किया। पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ खुद को तकनीक से जोड़ते हुए वह इस उम्र में भी YouTube, ऑनलाइन प्रेजेंटेशन और डिजिटल माध्यमों से छात्राओं को पढ़ा रही हैं। इसके अलावा उन्होंने विज्ञान विषय पर 12 किताबें लिखी हैं और कई रिसर्च पेपर भी तैयार किए हैं। जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने जा रहीं डॉ. रेनू त्रिपाठी शिक्षा को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा मानती हैं और रिटायरमेंट के बाद भी गरीब व जरूरतमंद बच्चों को मुफ़्त पढ़ाने का संकल्प रखती हैं। गोरखपुर में 81 शिक्षकों सीएम योगी करेंगे सम्मानित शिक्षक दिवस पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में प्रदेश के 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इनमें से 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार और 5 को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनितों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इसमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार पाने वाले 5 शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए इन शिक्षकों का चयन
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