Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Peace Bond पर नहीं करेंगे हस्ताक्षर: High Court से राहत न मिलने पर बोलीं AISA चीफ Neha Bora

    27 minutes from now

    1

    0

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि न तो वह और न ही उनका छात्र संगठन दिल्ली पुलिस द्वारा मांगे गए 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने के मुचलके) पर हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उनके आवेदन को स्वीकार करने से इनकार किए जाने के बाद, वे इस नोटिस को आगे चुनौती देंगी। नेहा बोरा ने कहा कि स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष होने वाली कार्यवाही में 'प्राकृतिक न्याय' (natural justice) के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह SEM कोर्ट के सामने पेश होंगी। कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह उन्हें उन दस्तावेजों या सामग्री को उपलब्ध कराए, जिनके आधार पर यह कार्यवाही की जा रही है।इसे भी पढ़ें: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को Delhi High Court से झटका, शांति बॉण्ड नोटिस में दखल से इनकारनेहा बोरा ने कहा कि आज जो 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने का मुचलका) है, उस पर न तो AISA और न ही मैं हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जांच की प्रक्रिया 'नैचुरल जस्टिस' (प्राकृतिक न्याय) के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए। नेहा बोरा ने बताया कि हाई कोर्ट ने इस चरण में मामले के गुण-दोषों की जांच नहीं की है और इस मामले को आगे भी उठाया जा सकता है। उन्होंने कोर्ट के उस निर्देश का जिक्र किया, जिसमें SEM से कहा गया है कि वे उनके (नेहा बोरा के) खिलाफ मौजूद सामग्री उन्हें उपलब्ध कराएं।उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने SEM कोर्ट से कहा है कि वे हमारे खिलाफ मौजूद सामग्री हमें दिखाएं। उन्होंने आदेश के पेज 34 का हवाला देते हुए कहा कि इसके अनुसार SEM कोर्ट को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। नेहा बोरा ने आगे कहा कि वह SEM कोर्ट के सामने पेश होंगी और इस कार्यवाही का विरोध करेंगी। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस नोटिस को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने कहा कि मैं इस स्तर पर रिट याचिका को खारिज कर रहा हूं। कोर्ट ने SEM को यह भी निर्देश दिया कि वे नेहा बोरा को वह सामग्री उपलब्ध कराएं, जिस पर यह कार्यवाही आधारित है।इसे भी पढ़ें: नेहा बोरा को भेजा Delhi Police का नोटिस असंवैधानिक, High Court में BNSS के नियमों पर वकील ने दी दलीलनेहा बोरा ने नोटिस के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि 16 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन अलोकतांत्रिक नहीं था। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों (खासकर महिलाओं) पर किए गए लाठीचार्ज का नतीजा थी। उन्होंने प्रदर्शन की योजना के बारे में पुलिस के दावे को भी गलत बताया और कहा कि आयोजकों ने मंडी हाउस में इकट्ठा होने के लिए कहा था, न कि कनॉट प्लेस में। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Yes Milord: कोर्ट ने नेहा बोरा को क्या झटका दिया, उधर कॉकरोच थाने के चक्कर क्यों लगा रहे?
    Next Article
    Virar-Alibaug Corridor में मुआवजे के लिए फर्जीवाड़ा, 2000 अवैध कमरे बनाने वाले 4 गिरफ्तार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment