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    PM मोदी से दिल्ली में मिले सुखबीर बादल:पंजाब में दोबारा अकाली-BJP गठजोड़ के संकेत; केजरीवाल बोले- ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे

    9 hours ago

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    शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे और पार्लियामेंट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अकाली दल और भाजपा गठबंधन की चर्चा होने लगी है। पंजाब विधानसभा चुनाव में तकरीबन चार-पांच महीने का टाइम बचा है। माना जा रहा है कि दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात के बाद अब गठबंधन फाइनल हो सकता है। इधर, मोदी-सुखबीर की मुलाकात पर आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने तंज कसा- ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे…...तो क्या चन्दा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है? केजरीवाल के इस तंज पर सुखबीर बादल ने कहा- 2022 से पहले AAP ने दावा किया था कि आप पंजाब में फल-फूल रहे ₹20,000 करोड़ के अवैध खनन को तुरंत बंद करवा देंगे और आज NGT के आदेश ने साबित कर दिया है कि आपकी सारी गारंटी गटर में फेंकने लायक हैं। पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- मुझे पहले से लगता था कि यह इकट्‌ठे होंगे। हालांकि कोई बदलाव नहीं होगा। मुझे पता था कि टूटी बाजू इकट्ठी होंगी, लेकिन यह रहेंगी टूटी हुई ही। अकाली-भाजपा ने मिलकर 3 बार सरकार बनाई… अकाली-भाजपा गठबंधन की कामयाबी की 3 वजहें 1. पॉलिटिकल एक्सपर्ट इंजीनियर पवनदीप शर्मा ने बताया कि अकाली-भाजपा गठबंधन की कामयाबी की दो वजह थीं। पहली वजह ये कि दोनों दलों की अलग-अलग वोट बैंक में मजबूत पैठ थी। अकाली दल की रूरल बेल्ट और पंथक इलाकों में पकड़ थी, जबकि भाजपा शहरी हिंदू मतदाताओं के बीच मजबूत थी। 2. उन्होंने बताया कि दूसरी वजह थी सीट शेयरिंग फॉर्मूला। गठबंधन के तहत अकाली दल 94 और भाजपा पंजाब विधानसभा की 23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी। दोनों पार्टियां अपने मजबूत जनाधार वाले इलाकों में उतरती और कार्यकर्ताओं का भी एक-दूसरे को साथ मिलता था। दोनों दलों के वोट बंटने की बजाय एक जगह पोल होते। 3. पवनदीप शर्मा ने बताया कि इसी समीकरण के बूते 2012 में गठबंधन ने वो कर दिखाया जो पंजाब के इतिहास में उससे पहले कभी नहीं हुआ था। दोनों दलों ने तब 68 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की। इससे पहले पंजाब में कोई पार्टी या गठबंधन अपनी सरकार रिपीट नहीं कर पाया था। वर्ष 2020 में गठबंधन टूटने के बाद दोनों के वोट बंट गए और 2022 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां सिंगल डिजिट में सिमट गईं। भाजपा-अकाली गठबंधन टूटने का विरोधियों पर असर ************* ये खबर भी पढ़ें: राहुल गांधी बोले- कैप्टन मेरे फेवरेट BJP लीडर: मुस्कुराते हुए अमरिंदर अंकल कहा; पंजाब कांग्रेस में झगड़े के बीच वापसी की अटकलें पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस में चल रहे घमासान के बीच राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को फेवरेट लीडर बताकर उनकी तारीफ की। गुरुवार को दिल्ली में जेन-जी के साथ राहुल गांधी ने इंट्रैक्शन किया। (पढ़ें पूरी खबर)
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