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    PM Narendra Modi 25 Years In Governance | शासन के 25 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने दिया 'हम यह करेंगे' का नया नारा, 2047 तक 'विकसित भारत' के बताए 3 बड़े लक्ष्य!

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'सेवा ज्योति' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश की विकास यात्रा को नई ऊर्जा देने के लिए "हम यह करेंगे" (We will do it) का नया नारा दिया। सार्वजनिक पद (सरकार के प्रमुख) पर अपने सफल 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण का संकल्प दोहराया। स्टेडियम में मौजूद हजारों लोगों की भारी भीड़ ने पीएम मोदी के हर आह्वान पर एक सुर में "हम यह करेंगे" का नारा लगाकर पूरे माहौल को देशभक्ति और उत्साह से भर दिया।दिल्ली में 'सेवा ज्योति' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 'सेवा ज्योति यात्रा' में शामिल नागरिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमेशा जनसेवा को अपनी ज़िम्मेदारी माना है।उन्होंने कहा, "लोगों ने हमेशा मुझे अपनी सेवा करने के लिए चुना है। आज, मैं भारत के लोकतंत्र और इसके संविधान को नमन करता हूँ। मैं 'सेवा ज्योति यात्रा' में भाग लेने वाले सभी नागरिकों का भी दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।"पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने दिन की शुरुआत में श्री विनायक मंदिर का दौरा किया और देश, इसके 1.4 अरब लोगों और खुद के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश की और भी अधिक ऊर्जा के साथ सेवा करने की शक्ति और क्षमता के लिए प्रार्थना की।पीएम मोदी ने सार्वजनिक पद पर अपने 25 वर्षों का ज़िक्र कियापीएम मोदी ने कहा, "देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है। इसलिए, देश के प्रति मेरी ज़िम्मेदारी भी सबसे बड़ी है।" उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि हर नागरिक का उन पर सबसे पहला अधिकार है और साथ ही उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने का अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने जन-विश्वास और अनुभव के अपने 25 वर्षों को एक "अमूल्य धरोहर" बताया और कहा कि यह अनुभव केवल उनका नहीं, बल्कि देश का है।उन्होंने कहा, "और यह धरोहर केवल मोदी की नहीं है; यह धरोहर देश की है। भारत माता की हर संतान का इस धरोहर पर अधिकार है।" उन्होंने स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं के योगदान को भी सराहा और कहा कि जनसेवा की अपनी यात्रा में उन्होंने कभी खुद को अकेला महसूस नहीं किया। उन्होंने कहा, "मुझे कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ। ऐसे अनगिनत स्वयंसेवक हैं जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा के रक्षक हैं और जिनका एकमात्र मकसद है - भारत की सेवा करना।" उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक सेवा की भावना से काम करते हैं और हमेशा खुद को याद दिलाते हैं, "हम सेवक हैं। हम मानवता के सेवक हैं।"पीएम मोदी का 'हम यह करेंगे' (We will do it) मंत्रअपने संबोधन में आगे बढ़ते हुए, पीएम मोदी ने देश की तरक्की की महत्वाकांक्षाओं में नई ऊर्जा भरने के लिए एक नया नारा दिया -- "हम यह करेंगे" (We will do it)। प्रधानमंत्री ने देश के मुख्य लक्ष्यों के बारे में बताया और हर बार भीड़ ने ज़ोरदार आवाज़ में जवाब दिया - "हम यह करेंगे"।पीएम मोदी ने "2047 तक विकसित भारत" का लक्ष्य हासिल करने, "आत्मनिर्भर भारत" बनाने, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, ओलंपिक की मेज़बानी करने और देश को अंतरिक्ष के क्षेत्र में और आगे ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह ऊर्जा और आत्मविश्वास अद्भुत है।"Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  
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