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    PNB कंसोर्टियम से 326 करोड़ की धोखाधड़ी, Hyderabad और सिकंदराबाद में ED की रेड

    21 hours ago

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    प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को तेलंगाना में सात जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 'कनकधरा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' (KVPL) और उसके निदेशकों से जुड़े एक मामले में की गई, जिसमें 326.49 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं को कथित तौर पर दूसरी जगह डायवर्ट करने का आरोप है। ED के अनुसार, यह रकम पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह (कंसोर्टियम) द्वारा कंपनी को दी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत तेलंगाना के हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी में ये तलाशी अभियान चलाए। ईडी के हैदराबाद ज़ोन ने अपनी जांच के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। इसमें पता चला है कि KVPL को दी गई बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया गया। साथ ही, फंड को संबंधित और अन्य माध्यम वाली कंपनियों के ज़रिए दूसरी जगह भेज दिया गया, जिसमें स्टील की खरीद के फर्जी इनवॉइस और ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया गया।इसे भी पढ़ें: Balochistan में BLF के हमलों से Pakistan Army को बड़ा नुकसान, पीछे हटने का किया दावाअधिकारियों ने बताया कि KVPL ने लोन देने वाले बैंकों की जानकारी के बिना, कंसोर्टियम (बैंकों के समूह) के दायरे से बाहर भी बैंक खाते चलाए थे। 326.49 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं के कथित तौर पर इधर-उधर किए जाने (डायवर्जन) को लेकर, ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह की जांच कर रही है। बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट ऐसे वित्तीय साधन हैं, जिनका इस्तेमाल अक्सर व्यापारिक लेन-देन को आसान बनाने और भुगतान सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। एजेंसी इन साधनों के कथित दुरुपयोग और बीच की कंपनियों के ज़रिए फंड को दूसरी जगह भेजने के मामलों की जांच कर रही है। एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत चल रही इस जांच का मकसद कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सबूत जुटाना और फंड के लेन-देन (आवाजाही) का पता लगाना है।
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