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    राजाभैया-धनंजय समेत 50 बाहुबलियों की हाईकोर्ट ने क्राइम कुंडली मांगी:कहा- हथियारों के लाइसेंसों और सिक्योरिटी की भी जांच हो

    12 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजा भैया, बृजभूषण, धनंजय सिंह समेत 50 से ज्यादा बाहुबलियों की क्राइम कुंडली यूपी सरकार से मांगी है। कोर्ट ने बाहुबलियों के गन लाइसेंस और सुरक्षा की भी जांच करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने गृह विभाग के अफसरों को फटकार लगाते हुए 26 मई तक जांच रिपोर्ट जमा करने को कहा है। साथ ही गृह विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी हलफनामा के साथ संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों और कमिश्नरेट के कमिश्नरों की अंडरटेकिंग (लिखित जिम्मेदारी) भी देंगे। दरअसल, संत कबीरनगर के रहने वाले जयशंकर उर्फ बैरिस्टर ने गन लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 18 मई को उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने यह दिया। 20 मई को यह आदेश हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुआ। देखिए लिस्ट जिन बाहुबलियों पर कोर्ट की है नजर... सरकार का हलफनामा देख कोर्ट हैरान सरकार की ओर से दाखिल हलफनामा देखकर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। गृह विभाग ने हलफनामे में बताया था कि इस समय प्रदेश में करीब 10 लाख से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस जारी हैं। अभी भी 23 हजार से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। 6 हजार से ज्यादा ऐसे लोगों को भी लाइसेंस दिए गए हैं, जिन पर दो या उससे अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं। इसके अलावा, प्रदेश में करीब 21 हजार परिवार ऐसे हैं, जिनके पास एक से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस और डीएम के फैसलों के खिलाफ 1,738 अपीलें अभी कमिश्नरों के पास लंबित हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा- 26 मई तक जोनवार और जिला या थानावार बाहुबलियों और आपराधिक केस वाले लोगों की लिस्ट दें, जिनको गन लाइसेंस और सुरक्षा दी गई है। गृह विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी हलफनामा के साथ संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों और कमिश्नरेट के कमिश्नरों की अंडरटेकिंग (जिम्मेदारी) भी देंगे। संबंधित जिलों के पुलिस कप्तान या कमिश्नरेट के कमिश्नर जानकारी देते हुए यह अंडरटेकिंग देंगे कि कोई भी जानकारी छिपाई नहीं गई है। अगर छिपाया गया तो वह खुद जिम्मेदार होंगे। 'हथियार डराने लिए इस्तेमाल होते हैं, तो सुरक्षा नहीं, डर बढ़ाता है' जस्टिस दिवाकर की बेंच ने कहा कि पहली नजर में कोर्ट की राय यह है कि खुलेआम हथियार दिखाने से भले ही प्रभुत्व, शक्ति और सुरक्षा का एहसास होता हो, लेकिन इससे समाज में आपसी भाईचारा बिगड़ता है। आम लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना पैदा होती है। बेंच ने कहा कि कई बार लोग हथियार रखने को आत्मरक्षा के नाम पर सही ठहराते हैं, लेकिन जब हथियार डराने या धमकाने के लिए इस्तेमाल होने लगते हैं, तो वे सुरक्षा नहीं बल्कि डर बढ़ाते हैं। ऐसा समाज, जहां हथियारबंद लोग ताकत और धमकी के बल पर अपना दबदबा बनाते हैं, वह न तो शांतिपूर्ण होता है और न ही सुरक्षित। इससे लोगों का भरोसा कमजोर होता है, सुरक्षा की भावना घटती है और समाज की शांति भंग होती है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... धनंजय के गढ़ में बेटा लॉन्च करने को तैयार बृजेश:पर्दे के पीछे से दो नेता कर रहे प्लानिंग; धनंजय कह चुके- मैं डरने वाला नहीं 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अभी 8 महीने से ज्यादा का समय है। लेकिन, पूर्वांचल की सियासत में नई जंग छिड़ती दिख रही है। चर्चा है, बाहुबली नेता धनंजय सिंह के गढ़ जौनपुर में उनके विरोधी बृजेश सिंह एंट्री लेने वाले हैं। पढ़िए पूरी खबर
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