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    राममंदिर चढ़ावा चोरी आरापों की उच्च स्तरीय जांच हो:करतलिया आश्रम के महंत रामदास बोले-समाज में भ्रम की स्थिति को दूर किया जाना बेहद आवश्यक

    2 hours ago

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    अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बीच अब खुद को राम जन्मभूमि मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह के दावों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट प्रबंधन इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे बयानों से चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में करतलिया बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर महंत बालयोगी रामदास महाराज ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। महिपाल के दावों को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं की खबरें बेहद निंदनीय और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने जाई जाए महंत बालयोगी रामदास ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े रहे एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि नोटों की गड्डियों में हेराफेरी कर धन का गबन किया जाता था। वीडियो में कुछ लोगों के नाम भी लिए गए हैं। यदि आरोप निराधार हैं तो भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए ऐसे में पूरे प्रकरण की सच्चाई जनता और श्रद्धालुओं के सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था राम मंदिर से जुड़ी हुई है। यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं के मन में पैदा हुआ भ्रम दूर हो सके। महंत ने कहा कि वर्तमान में भक्तों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि आखिर सच्चाई क्या है। ऐसे में जांच एजेंसियों को पूरे मामले की पारदर्शी पड़ताल करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति मंदिर और श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर अब विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्ष इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
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