Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रमणरेती आश्रम में फूलों से खेली गई पारंपरिक होली:गुरु शरणानंद महाराज के सानिध्य में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

    10 hours ago

    1

    0

    मथुरा के महावन स्थित यमुना तट पर रमणरेती आश्रम में ब्रज की पारंपरिक और आध्यात्मिक होली का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर गुरु शरणानंद महाराज के सानिध्य में संतों और हजारों श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के साथ फूलों और प्राकृतिक टेसू के रंगों से होली खेली। आश्रम परिसर सुबह से ही "जय राधे-कृष्ण" के जयघोष से गूंज रहा था। आश्रम प्रशासन ने टेसू के फूलों से लगभग 10 हजार लीटर प्राकृतिक रंग तैयार किया था। इसके अतिरिक्त, 11 क्विंटल गेंदा और गुलाब के फूलों से फूलों की होली खेली गई। मिलावटी और रासायनिक रंगों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध था। श्रद्धालुओं को केवल आश्रम में तैयार किए गए प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने की अनुमति दी गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। सुबह करीब 11 बजे भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का मंचन हुआ, जिसमें मयूर नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान लठमार होली की मनोहारी झलक भी प्रस्तुत की गई। गुरु शरणानंद महाराज ने राधा-कृष्ण स्वरूपों को अबीर-गुलाल अर्पित कर उत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद संतों और सेवादारों ने फूलों की वर्षा के बीच होली खेली। मंच पर राधा-कृष्ण स्वरूपों की होली देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महाराज स्वयं भी उत्सव में शामिल हुए और भक्तों के साथ रंगोत्सव का आनंद लिया। शनिवार को आयोजित मुख्य उत्सव में 20 क्विंटल से अधिक फूल, 6 क्विंटल अबीर-गुलाल, 2 किलो चंदन और 100 ग्राम केसर का उपयोग किया गया। श्रीकृष्ण सखियों के साथ होली खेलते नजर आए, जहां राधारानी और सखियां लट्ठ लेकर तथा कृष्ण ढाल के साथ लीला करते दिखाई दिए। वृंदावन से आए कलाकारों ने 'आज बिरज में होली रे रसिया' सहित पारंपरिक रसिया भजनों की प्रस्तुति दी। रमणरेती की यह होली केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि ब्रज संस्कृति, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक रंगों के संरक्षण का संदेश देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन बन गई।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वाराणसी जा रहा सपा का डेलिगेशन लखनऊ में रोका गया:लाल बिहारी यादव हाउस अरेस्ट, बहुखंडी मंत्री आवास पर पुलिस का पहरा
    Next Article
    निवाड़ा में कब्रिस्तान भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप:ग्रामीणों ने समस्या समाधान दिवस में जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग, तनाव बढ़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment