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    रामपुर की डीसीडीएफ बिल्डिंग की नीलामी पर उठे सवाल:अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच, नीलामी रद्द करने की मांग

    5 hours ago

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    रामपुर में डीसीडीएफ बिल्डिंग की 26 फरवरी 2026 को हुई नीलामी पर विवाद उत्पन्न हो गया है। डीसीडीएफ अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने मुख्यमंत्री और मुरादाबाद के मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह सहित सहकारिता विभाग के अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने नीलामी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है। अध्यक्ष सुभाष गुप्ता का आरोप है कि लगभग 26.50 लाख रुपये में हुई यह नीलामी नियमों के विरुद्ध है। उनके अनुसार, बिल्डिंग से संबंधित कई मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। एआर कोऑपरेटिव गणेश गुप्ता ने भी पूर्व में पत्र भेजकर सूचित किया था कि अलग-अलग वाद अलग-अलग तिथियों पर विचाराधीन हैं। गुप्ता ने यह भी दावा किया कि चंद्रसेन नामक एक व्यक्ति 35 लाख रुपये तक की बोली लगाने को तैयार था, लेकिन उसे नीलामी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। चंद्रसेन का शिकायती पत्र भी संलग्न किया गया है। इसके अतिरिक्त, उन दुकानदारों की आपत्तियां भी भेजी गई हैं, जिनके मामले अदालतों में विचाराधीन हैं। अध्यक्ष के मुताबिक, नीलामी के लिए न तो बोर्ड से कोई प्रस्ताव अनुमोदित कराया गया और न ही उन्हें औपचारिक रूप से सूचित किया गया। उन्होंने नीलामी कराने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए हैं। यह नीलामी तहसीलदार के.के. चौरसिया, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता गणेश गुप्ता और डीसीबी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीप्रकाश त्रिपाठी की उपस्थिति में संपन्न हुई थी। इस बीच, उमेश अग्रवाल और शरद दीक्षित ने बताया कि उनके मामलों की सुनवाई 25 मार्च को हाईकोर्ट में होनी है। जयदीप सिंह बरार की अपील 10 मार्च को हाईकोर्ट में सूचीबद्ध है। उर्मिला वर्मा का मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित है, जबकि प्रमोद अग्रवाल और शोभा गुप्ता का वाद जिला न्यायालय में विचाराधीन है। इस संबंध में, डीआर कोऑपरेटिव वीर बिक्रम ने बताया कि नीलामी समिति उनके द्वारा बनाई गई थी और यदि कोई मुकदमे लंबित हैं तो उनकी जांच की जाएगी। वहीं, एआर कोऑपरेटिव गणेश गुप्ता ने कहा कि यदि कोई वाद विचाराधीन हैं तो उन्हें भी देखा जाएगा और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
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