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    रामपुर रज़ा पुस्तकालय बनेगा विश्वस्तरीय अध्ययन और शोध केंद्र:संस्कृत, शैक्षणिक, अंतरराष्ट्रीय समितियों ने डिजिटलीकरण; अनुवाद पर रणनीति बनाई

    4 hours ago

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    रामपुर रज़ा पुस्तकालय परिसर में हाल ही में तीन महत्वपूर्ण सलाहकार समितियों- संस्कृत सलाहकार समिति, शैक्षणिक मामलों की सलाहकार समिति और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंध सलाहकार समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन सभी बैठकों की अध्यक्षता पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने की। बैठकों का मुख्य उद्देश्य पुस्तकालय को एक विश्वस्तरीय शैक्षणिक, शोध और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना था। इसके साथ ही, बहुभाषी विरासत का संरक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। डॉ. पुष्कर मिश्र ने इस अवसर पर कहा कि रामपुर रज़ा पुस्तकालय अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए विश्वविख्यात है और इसे अध्ययन व अनुवाद के अग्रणी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। संस्कृत अध्ययन केंद्र की स्थापना पर सहमति संस्कृत सलाहकार समिति की बैठक में संस्कृत अध्ययन केंद्र की स्थापना पर सहमति बनी। इसमें पांडुलिपियों के संपादन, अनुवाद और प्रकाशन के साथ-साथ सेमिनार व जन-जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन पर भी विचार-विमर्श हुआ। विद्वानों के लिए शोध सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। शैक्षणिक मामलों की समिति ने संस्कृत, फारसी, अरबी, उर्दू और हिंदी की दुर्लभ पांडुलिपियों के लिए एक विशेष अनुवाद केंद्र स्थापित करने की रणनीति बनाई। समिति ने शोधार्थियों को बेहतर वातावरण प्रदान करने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंध सलाहकार समिति की बैठक में डिजिटलीकरण, ऑनलाइन कैटलॉग तैयार करने, विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी स्थापित करने और फेलोशिप कार्यक्रम शुरू करने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई। पुस्तकालय को मध्य एशियाई अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन रहा। तीनों समितियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दुर्लभ ग्रंथों के संरक्षण, वर्गीकरण और डिजिटलीकरण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे शोधार्थियों को अनुसंधान में अधिक सुविधा मिल सकेगी। इन बैठकों में देश के कई प्रतिष्ठित विद्वानों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदित करने के बाद धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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