Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    रिसर्च की बारीकियां सीखेंगे शिक्षक:CSJMU के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में ऑनलाइन FDP शुरू

    21 hours ago

    1

    0

    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने शोध की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए एक नई पहल की है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट ने सोमवार को 'सिस्टेमैटिक लिटरेचर रिव्यू एवं बिब्लियोमेट्रिक एनालिसिस' विषय पर सात दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) शुरू किया। इस कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न संस्थानों के शिक्षक और शोधार्थी भाग ले रहे हैं, जिन्हें अगले एक सप्ताह तक डेटा विजुअलाइजेशन और साक्ष्य-आधारित शोध पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार को बढ़ावा देकर वैश्विक रैंकिंग में सुधार लाना है। उद्घाटन सत्र में स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पाण्डिया ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में केवल शोध करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसमें विश्लेषणात्मक कठोरता और आधुनिक उपकरणों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बिब्लियोमेट्रिक एनालिसिस जैसे उपकरणों के महत्व पर जोर दिया, जो शोधार्थियों को साहित्य की गहरी समझ विकसित करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रभात के. द्विवेदी ने सात दिवसीय सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि एफडीपी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि प्रतिभागी केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि शोध डेटा को संसाधित करने की व्यावहारिक बारीकियां भी सीख सकें। मशीन लर्निंग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल मुख्य वक्ता और रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को डेटा एनालिटिक्स और रिव्यू के आधुनिक तरीकों का चरणबद्ध प्रशिक्षण देंगे। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों की शोध क्षमता में वृद्धि होगी और छात्रों के शोध पत्रों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कार्यशाला शोधार्थियों को अपने विषयों में उपलब्ध साहित्य का बेहतर विश्लेषण करने और भविष्य की संभावनाओं पर सटीक काम करने में सक्षम बनाएगी। पहले दिन के सत्र में प्रतिभागियों ने तकनीकी सत्रों के प्रति उत्साह दिखाया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    खाद्य विभाग में जप्त किया 569 किलो खाद्य पदार्थ:आजमगढ़ जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने चलाया हुआ है अभियान
    Next Article
    VSSD कॉलेज के हिंदी विभाग के 100 साल पूरे:राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि बोले- साहित्य लंबी सांस्कृतिक दृष्टि देता है

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment