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    रायबरेली बैंक ऑफ बड़ौदा घोटाले के दो आरोपी और गिरफ्तार:क्रेडिट ऑफिसर समेत दो आरोपी पकड़े, 45 खाते फ्रीज

    3 hours ago

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    रायबरेली में बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में हुए लगभग 9 करोड़ रुपए के पर्सनल लोन घोटाले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बैंक का तत्कालीन क्रेडिट ऑफिसर भी शामिल है। शहर कोतवाली पुलिस ने शनिवार (11 अप्रैल 2026) को यह कार्रवाई की। इसके साथ ही पुलिस ने घोटाले से जुड़े 45 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें लाखों रुपये जमा हैं। इस मामले में इससे पहले 9 अप्रैल को पांच अन्य आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक ने 48 खातों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन लेने की एफआईआर दर्ज कराई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमित कनौजिया (निवासी अहमामऊ, लखनऊ) शामिल है। अमित मुख्य शाखा में क्रेडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। उसका मुख्य काम फर्जी दस्तावेज तैयार करवाना और जांच में उन्हें सही बताकर लोन मंजूर करना था। दूसरा आरोपी सत्यम (निवासी जाफरगंज, फतेहपुर) है। सत्यम ने अपने आधार कार्ड पर पता बदलकर, फर्जी सैलरी स्लिप और फर्जी नियुक्ति पत्र लगाकर पर्सनल लोन हासिल किया था। 27 लाख रुपये और 45 खाते फ्रीज सीओ नौहवार ने बताया कि पुलिस की विवेचना और कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने इस गिरोह और प्रकरण से संबंधित 45 बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है, जिनमें 27 लाख रुपये की धनराशि जमा है। यह शातिर गिरोह अन्य जिलों (लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव आदि) से अपने परिचितों और रिश्तेदारों के बैंक खाते रायबरेली की मुख्य शाखा में ट्रांसफर करवाता था या नए खाते खुलवाता था। इसके बाद उन लोगों के आधार कार्ड पर पता रायबरेली का करवा दिया जाता था। लोन पास कराने के लिए यूको बैंक में फर्जी खाते (जैसे 'ट्रेजर' के नाम से) खोलकर उसमें फर्जी सैलरी क्रेडिट दिखाई जाती थी। इन्हीं फर्जी सैलरी स्लिप और फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर 9 करोड़ से अधिक का पर्सनल लोन डकार लिया गया। पहले जेल जा चुके हैं 5 आरोपी आपको बता दें कि इस मामले में 9 अप्रैल 2026 को पुलिस ने 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें उन्नाव निवासी राजेश सिंह, सीतापुर निवासी बब्लू राठौर व उसकी पत्नी कामिनी राठौर, और लखनऊ निवासी गोपाल सिंह व उसकी पत्नी राधिका देवी शामिल थे। अकेले बब्लू और कामिनी राठौर ने फर्जी आधार और दस्तावेजों से 38 लाख 90 हजार रुपये का पर्सनल लोन लिया था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेक्सस में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी
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